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‘नेशनल अवॉर्ड्स समझौते से भरे हैं, मम्मुट्टी उनके लायक नहीं’ – प्रकाश राज का बड़ा बयान
55वें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में मम्मुट्टी ने जीता बेस्ट एक्टर अवॉर्ड, लेकिन प्रकाश राज ने राष्ट्रीय पुरस्कारों की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल
भारतीय फिल्म जगत में हमेशा से यह बहस रही है कि क्या नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स वाकई निष्पक्ष हैं या राजनीति और लॉबीइंग से प्रभावित। अब इस विवाद को नया मोड़ दिया है अभिनेता और निर्देशक प्रकाश राज ने।
प्रकाश राज, जिन्होंने हाल ही में 55वें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स की ज्यूरी की अध्यक्षता की, ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पूरी तरह “समझौते से भरी और पक्षपातपूर्ण” है।
उन्होंने कहा, “मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समझौता किए हुए हैं। मैं खुश हूं कि मुझे केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स की ज्यूरी का हिस्सा बनने का मौका मिला, क्योंकि उन्होंने साफ कहा कि हमें किसी बाहरी और निष्पक्ष व्यक्ति की जरूरत है — और हम आपके फैसले में दखल नहीं देंगे।”
मम्मुट्टी को लेकर भावनात्मक बयान
प्रकाश राज ने इस दौरान दिग्गज अभिनेता मम्मुट्टी को लेकर भी अपनी नाराज़गी और सम्मान दोनों ज़ाहिर किए। उन्होंने कहा, “अगर ऐसी ही ज्यूरी और सरकार रहेगी, तो वो मम्मुट्टी जैसे कलाकार के लायक नहीं हैं।”
मालूम हो कि 74 वर्षीय मम्मुट्टी ने सोमवार को केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स 2025 में ‘ब्रह्मायुगम’ फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर अवॉर्ड जीता। यह उनका सातवां राज्य स्तरीय बेस्ट एक्टर अवॉर्ड है, जिससे उन्होंने मोहलाल और उर्वशी जैसे कलाकारों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।

फिल्म इंडस्ट्री में गूंज उठा विवाद
प्रकाश राज के इस बयान ने सोशल मीडिया और फिल्म जगत में नई बहस छेड़ दी है। कई लोगों का मानना है कि उनकी बात में दम है, क्योंकि हाल के वर्षों में कई योग्य कलाकारों को अनदेखा किया गया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय पुरस्कारों की प्रक्रिया पर सवाल उठाना पूरे सिस्टम का अपमान है।
केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने भी अवॉर्ड समारोह में कहा कि, “हमारी ज्यूरी ने बिना किसी दबाव के फैसले लिए हैं, और यही हमारी ताकत है।”
मम्मुट्टी की विनम्र प्रतिक्रिया
वहीं, मम्मुट्टी ने अपनी जीत पर कहा, “मैं यह अवॉर्ड अपनी पूरी टीम और दर्शकों को समर्पित करता हूं। पुरस्कार कभी मेरा लक्ष्य नहीं रहे — मेरा मकसद हमेशा अच्छा काम करना रहा है।”
उनकी हालिया फिल्म ‘ब्रह्मायुगम’ को इसके हॉरर-थ्रिलर तत्वों और मम्मुट्टी के दमदार अभिनय के लिए आलोचकों ने खूब सराहा है।
दो दिग्गज, दो सोच
जहां एक तरफ प्रकाश राज अपने बयानों से फिर एक बार विवादों के केंद्र में हैं, वहीं मम्मुट्टी शांत और सौम्य स्वभाव से अपनी सफलता को सहजता से स्वीकार कर रहे हैं।
लेकिन सवाल यही है — क्या नेशनल अवॉर्ड्स की विश्वसनीयता पर उठे ये सवाल वाकई फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव लाएंगे, या फिर यह भी महज एक और विवाद बनकर रह जाएगा?
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