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अबू धाबी में अजीबो-ग़रीब घटना! आसान स्टंपिंग छोड़कर विकेटकीपर ने किया ‘नॉन-स्टंपिंग’—क्यों किया ऐसा?
ILT20 में निकोलस पूरन का चौंकाने वाला फैसला—मैक्स होल्डन क्रीज़ से बाहर थे, फिर भी विकेटकीपर ने बails नहीं गिराए; सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी।
T20 क्रिकेट में हर गेंद, हर रन और हर मौका मैच का रुख बदल सकता है। लेकिन अबू धाबी में खेले गए ILT20 मुकाबले में जो घटना हुई, उसने फैंस और विशेषज्ञों दोनों को हैरान कर दिया।
डेजर्ट वाइपर्स और MI एमिरेट्स के बीच मैच में विकेटकीपर निकोलस पूरन ने एक ऐसी चीज़ की, जिसकी किसी को उम्मीद ही नहीं थी—
उन्होंने बिल्कुल आसान और पक्की स्टंपिंग करने से इंकार कर दिया।
क्या हुआ था?—पूरन ने स्टंपिंग क्यों नहीं की?
MI एमिरेट्स के बल्लेबाज़ मैक्स होल्डन रशीद खान की एक वाइड गेंद को मिस कर बैठे और काफी आगे निकल गए।
गेंद सीधे पूरन के हाथों में गई—
होल्डन क्रीज़ से बहुत बाहर…
स्टंपिंग आसान…
पूरन के लिए सिर्फ बails गिराना बाकी था।
लेकिन तभी—
पूरन ने गेंद को धीरे से हाथ बदलकर बो़लर को लौटा दिया।
कमेंटेटर भी शॉक में थे:
“Oh! He did NOT stump him!”
पूरी दुनिया पूछ रही है—क्यों?
पूरन का फैसला—रणनीति या खेल भावना?
पूरन ने यह निर्णय क्यों लिया, इस पर दो तरह की थ्योरीज़ सामने आ रही हैं:
1) वाइड गेंद होने के कारण विकेट चाहकर भी लेना संभव नहीं होता
क्रिकेट में वाइड बॉल पर स्टंपिंग वैध मानी जाती है, लेकिन कई खिलाड़ी वाइड पर मिली स्टंपिंग को ‘सस्ता विकेट’ मानकर नहीं लेते।
कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पूरन ने इसे फेयर प्ले समझते हुए बails नहीं गिराए।

2) मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की चाल
दूसरी राय यह है कि पूरन शायद बल्लेबाज़ के दिमाग में खेलना चाहते थे।
होल्डन को पता था कि वह क्रीज़ से बाहर थे—
पूरन ने उन्हें “जीने दिया”…
और कभी-कभी ऐसी चाल बल्लेबाज़ को और भी असहज कर देती है।
दिलचस्प बात यह है कि इस नॉन-स्टंपिंग के बावजूद डेजर्ट वाइपर्स को मैच में नुकसान नहीं हुआ—टीम ने मुकाबला जीत लिया।
कमेंटेटर और फैंस भी हुए दो हिस्सों में बाँट
पूरन के इस फैसले ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी:
- कुछ फैंस ने कहा: “पूरन ने स्पोर्ट्समैनशिप दिखाई।”
- कुछ ने लिखा: “ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलता! ये कैसे छोड़ा?”
- वहीं कुछ लोग इसे अजीब रणनीति बता रहे हैं।
यह चर्चा इसलिए भी गर्म है क्योंकि T20 लीग में हर विकेट की कीमत सोने के बराबर होती है। ऐसे में इतना आसान अवसर छोड़ देना बेहद दुर्लभ है।
मैक्स होल्डन—बचकर निकले, लेकिन टीम नहीं बची
पूरन ने भले ही स्टंपिंग छोड़ी,
लेकिन MI Emirates की टीम मुकाबले में टिक नहीं सकी।
वाइपर्स ने अंत में मैच आराम से जीत लिया,
यानी पूरन का यह कदम टीम को नुकसान नहीं पहुँचा।
ILT20 में ऐसी घटना पहली बार देखी गई
एक प्रतियोगी लीग में किसी विकेटकीपर का जानबूझकर विकेट न लेना—यह बहुत कम देखा गया है।
पूरन का यह फैसला आने वाले समय में:
- क्या खेल भावना का उदाहरण माना जाएगा?
- या एक रणनीतिक ब्लंडर?
यह बहस अभी खत्म नहीं हुई है।
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