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बस एक ही सपना बचा है मोहम्मद शमी का खुला दिल का राज
अनुभवी भारतीय तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी ने वनडे वर्ल्ड कप जीतने की ख्वाहिश को बताया अपने करियर का आखिरी सपना।
भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। उनकी फिटनेस और चयन को लेकर कई चर्चाएं हुईं, यहां तक कि संन्यास की अटकलें भी तेज़ हो गईं। लेकिन शमी ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अपने दिल की आखिरी ख्वाहिश का राज खोला है।
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शमी का कहना है कि उनका बस एक ही सपना बचा है – भारत के लिए वनडे वर्ल्ड कप जीतना। उन्होंने कहा, “2023 का फाइनल अब तक दिल में चुभता है। मैं चाहता हूं कि एक बार फिर टीम इंडिया का हिस्सा बनूं और इस बार वर्ल्ड कप घर लाऊं।”
2023 वनडे विश्व कप में शमी का प्रदर्शन लाजवाब रहा था। उन्होंने सिर्फ 7 मैचों में 24 विकेट झटके और पूरे टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बने। उनकी खतरनाक गेंदबाजी से भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन खिताबी जंग में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मात देकर खिताब जीत लिया।
इंटरव्यू के दौरान शमी ने साफ किया कि वे अब भी फिट हैं और पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मुझे अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है। अगर मैं घरेलू क्रिकेट में पांच दिन गेंदबाजी कर सकता हूं, तो इंटरनेशनल लेवल पर क्यों नहीं? चयन मेरे हाथ में नहीं है, लेकिन अगर मौका मिलेगा तो मैं अपना सब कुछ झोंक दूंगा।”

फैंस के बीच शमी की यह ख्वाहिश बड़ी चर्चा में है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर शमी की फिटनेस बरकरार रही तो वे आने वाले टूर्नामेंट्स में भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।
शमी का यह बयान ऐसे समय आया है जब टीम इंडिया अपने बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। जहां नई पीढ़ी के गेंदबाज जैसे मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह अपनी छाप छोड़ रहे हैं, वहीं अनुभव और जुनून के साथ शमी का होना टीम के लिए संतुलन ला सकता है।
भारत के क्रिकेट इतिहास में कई खिलाड़ियों ने अपने करियर के आखिरी पड़ाव में सपनों को हकीकत बनाया है। कपिल देव ने 1983 वर्ल्ड कप जीता, एमएस धोनी ने 2011 में देश को खिताब दिलाया। अब फैंस को उम्मीद है कि मोहम्मद शमी भी अपने सपने को हकीकत में बदल पाएंगे।

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