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रविवार की रात Jio ने कर दिया अंधेरा देशभर में नेटवर्क ठप यूजर्स बोले एयरप्लेन मोड से क्या होगा

मुंबई दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक लाखों Jio यूजर्स हुए नेटवर्क और इंटरनेट से कटे डाउनडिटेक्टर पर हजारों शिकायतें

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Jio Network Outage on July 6 Sparks Nationwide Complaints over Signal and Internet Loss
जियो के नेटवर्क गायब होने के बाद यूजर्स ने किया जमकर विरोध, डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों की बाढ़

रिलायंस Jio एक बार फिर रविवार की रात सुर्खियों में आ गया, लेकिन इस बार वजह थी करोड़ों यूजर्स का नेटवर्क अचानक गायब हो जाना। शाम करीब 8:10 बजे से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु सहित देश के कई शहरों में मोबाइल सिग्नल और इंटरनेट पूरी तरह ठप हो गया।

फोन पर “Emergency Calls Only” या नो सिग्नल दिखने लगा। कुछ लोगों के JioFiber कनेक्शन भी काम नहीं कर रहे थे।

Downdetector पर महज कुछ घंटों में 11,000 से ज़्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं, जिनमें 81% यूजर्स ने सिग्नल गायब होने की समस्या बताई।


कस्टमर केयर भी हुआ ठप, सोशल मीडिया पर गुस्सा फूटा

जिन यूजर्स ने कस्टमर सपोर्ट कॉल करने की कोशिश की, उन्हें वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। लाइनों पर कॉल ही नहीं लग रही थी। लोगों ने X (ट्विटर) पर अपने गुस्से का इज़हार करते हुए लिखा कि “फोन कब चालू होगा?”, “काम रुक गया” और “हमसे तो वादा था भारत को डिजिटल बनाने का!”

कई यूजर्स ने मज़ाकिया अंदाज़ में लिखा, “जियो ने फिर से हमें मंकी बना दिया, एयरप्लेन मोड ऑन-ऑफ से क्या होगा जब टावर ही गायब हैं?”


जून 16 को भी केरल में हुआ था ऐसा ही बवाल

यह पहला मौका नहीं है जब Reliance Jio का नेटवर्क इस तरह से फेल हुआ है। 16 जून को केरल में 12 घंटे की लंबी नेटवर्क ब्लैकआउट हुई थी। उस दिन भी 12,000 से ज़्यादा शिकायतें सामने आई थीं। उस दौरान इंजीनियरों ने “सॉफ्टवेयर अपडेट फेलियर” को वजह बताया, लेकिन कंपनी की ओर से कभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।

मुआवज़ा या सिर्फ झूठा दिलासा?

पिछली बार जियो ने अपने ग्राहकों को 1GB डेटा मुफ्त देने की बात कही थी, लेकिन कई यूजर्स को वह डेटा कभी मिला ही नहीं। अब सवाल यह है कि इस बार कंपनी कैसे माफी मांगती है और क्या कोई वास्तविक मुआवज़ा दिया जाएगा?

Reliance Jio का यह रवैया जहां एक ओर यूजर्स के विश्वास को कमजोर कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इंटरनेट पर बढ़ती निर्भरता को देखते हुए इस तरह की बार-बार की गड़बड़ियां चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

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