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इतिहास रच गया झारखंड पहली बार बना SMAT चैंपियन Ishan Kishan की कप्तानी में टूटी बड़ी बाधा
घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े T20 टूर्नामेंट में झारखंड ने हरियाणा को करारी शिकस्त देकर पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी अपने नाम की
भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया इतिहास लिखा गया है। झारखंड क्रिकेट टीम ने पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) जीतकर खुद को देश की मजबूत T20 टीमों की कतार में खड़ा कर दिया है। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और विश्वास का नतीजा है।
इस ऐतिहासिक सफर की अगुवाई की ईशान किशन ने, जिनकी कप्तानी में झारखंड ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक लेकिन संतुलित क्रिकेट खेला। फाइनल मुकाबले में झारखंड ने हरियाणा जैसी मजबूत टीम को एकतरफा अंदाज में 69 रनों से हराकर यह खिताब अपने नाम किया।
फाइनल में झारखंड का दबदबा
फाइनल मुकाबले में टॉस के बाद झारखंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम के टॉप ऑर्डर ने तेज शुरुआत दी, जबकि मिडिल ऑर्डर ने रन रफ्तार को बनाए रखा। हरियाणा के गेंदबाज़ों पर शुरू से ही दबाव साफ दिख रहा था।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरियाणा की टीम झारखंड की अनुशासित गेंदबाज़ी के सामने पूरी तरह बिखर गई। पावरप्ले में ही विकेट गिरने लगे और मैच एकतरफा होता चला गया। झारखंड के गेंदबाज़ों ने लाइन-लेंथ में कोई ढील नहीं दी, जिसका नतीजा यह हुआ कि हरियाणा की टीम बड़ा स्कोर बनाने में पूरी तरह नाकाम रही।
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ईशान किशन की कप्तानी का असर
इस पूरे टूर्नामेंट में ईशान किशन सिर्फ एक कप्तान नहीं, बल्कि टीम के लिए प्रेरणा बने। मैदान पर उनकी ऊर्जा, आक्रामक फैसले और खिलाड़ियों पर भरोसा झारखंड की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। युवा खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आज़ादी मिली और सीनियर खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी उठाई।
ईशान की कप्तानी में झारखंड की टीम ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ बड़े नाम नहीं, बल्कि सही रणनीति और टीमवर्क भी ट्रॉफी दिला सकता है।
झारखंड क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पल
यह जीत झारखंड क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है। महेंद्र सिंह धोनी के बाद झारखंड से निकले खिलाड़ियों को अक्सर खुद को साबित करने का लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन इस SMAT जीत ने राज्य के क्रिकेट को नई पहचान दे दी है।

अब झारखंड को सिर्फ एक “अंडरडॉग टीम” नहीं, बल्कि घरेलू T20 क्रिकेट की चैंपियन टीम के रूप में देखा जाएगा।
युवाओं के लिए नई उम्मीद
इस खिताबी जीत का सबसे बड़ा असर झारखंड के युवा क्रिकेटरों पर पड़ेगा। अब राज्य के छोटे शहरों और कस्बों से निकलने वाले खिलाड़ियों को यह भरोसा मिलेगा कि मेहनत और सही मंच मिलने पर वे भी देश के बड़े टूर्नामेंट जीत सकते हैं।
SMAT 2024 का यह खिताब आने वाले वर्षों में झारखंड क्रिकेट को और मजबूत करेगा — चाहे वह आईपीएल में खिलाड़ियों की मांग हो या राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का सपना।
घरेलू क्रिकेट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
झारखंड की यह जीत यह भी दिखाती है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट अब सिर्फ पारंपरिक मजबूत टीमों तक सीमित नहीं रहा। हर साल नई टीम, नए खिलाड़ी और नई कहानियाँ सामने आ रही हैं, जो इस खेल को और रोमांचक बना रही हैं।
