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इज़राइल ने यमन के 3 बंदरगाहों और एक पावर प्लांट पर किया हवाई हमला रेड सी में फिर बढ़ा तनाव
हुदैदा, रस ईसा और सलीफ बंदरगाहों के साथ रस कांतीब पावर प्लांट पर हुए हमले; हूती विद्रोहियों के हमलों के जवाब में इज़राइल की बड़ी सैन्य कार्रवाई
रेड सी (Red Sea) क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर है। सोमवार सुबह, 7 जुलाई 2025 को इज़राइली रक्षा बलों (IDF) ने यमन के तीन महत्वपूर्ण बंदरगाहों और एक पावर प्लांट पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई लगभग एक महीने बाद की गई जब पिछले हफ्ते हुदैदा के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ और उसका दल जहाज छोड़कर भाग गया।
इज़राइल ने जिन ठिकानों पर हमले किए उनमें शामिल हैं
- हुदैदा (Hodeidah) बंदरगाह
- रस ईसा (Ras Isa)
- सलीफ (Salif) पोर्ट
- रस कांतीब (Ras Qantib) पावर प्लांट
इज़राइली सेना के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) द्वारा इज़राइली हितों पर लगातार हो रहे हमलों के बाद की गई है। IDF के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य हूती ठिकानों को कमजोर करना है, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को खतरे में डाल रहे हैं।
गैलेक्सी लीडर शिप बना विवाद का केंद्र
इज़राइल ने यह भी पुष्टि की कि रस ईसा पोर्ट में स्थित Galaxy Leader नामक जहाज को निशाना बनाया गया, जिसे नवंबर 2023 में हूती विद्रोहियों ने जब्त कर लिया था। IDF ने दावा किया है कि इस जहाज पर हूती आतंकवादियों ने रडार सिस्टम स्थापित किया है जिससे वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर नजर रख रहे थे

हूती समर्थित मीडिया का आरोप
यमन के हूती नियंत्रित चैनल अल-मसीरा टीवी (Al-Masirah TV) ने बताया कि इज़राइली हमलों से पहले तीनों बंदरगाहों को खाली करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद हुदैदा पर मिसाइलों की बारिश शुरू हो गई। टीवी रिपोर्ट में दावा किया गया कि आम नागरिकों को समय रहते बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन हमलों से भारी नुकसान हुआ है।
हमास-इज़राइल संघर्षविराम वार्ता भी बेनतीजा
इसी बीच, हमास और इज़राइल के बीच संघर्षविराम को लेकर पहली अप्रत्यक्ष बातचीत भी संपन्न हुई, लेकिन फिलिस्तीनी सूत्रों के अनुसार वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। यह घटनाक्रम यमन पर इज़राइल के हमले के साथ ही सामने आया है, जिससे यह साफ है कि इज़राइल अब क्षेत्रीय स्तर पर बहु-आयामी रणनीति अपना रहा है।
