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इरफान पठान की चेतावनी शुबमन गिल को – “संजू सैमसन और यशस्वी बैठे हैं इंतज़ार में”
पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने शुबमन गिल को चेताया – लगातार खराब प्रदर्शन से उनकी जगह खतरे में, संजू सैमसन और यशस्वी जयसवाल जैसे खिलाड़ी बेंच पर तैयार
भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज़ शुबमन गिल इस समय आलोचनाओं के घेरे में हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी टी20 सीरीज़ में वे लगातार असफल साबित हो रहे हैं। एशिया कप के बाद टी20 प्रारूप में उनकी वापसी तो हुई, लेकिन अब तक वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं।
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर गिल के प्रदर्शन पर खुलकर बात की और उन्हें चेताया कि टीम में उनकी जगह सुरक्षित नहीं है, क्योंकि संजू सैमसन और यशस्वी जयसवाल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौका पाने का इंतज़ार कर रहे हैं।

इरफान ने कहा,
“जब आप कुछ ओवर लेकर खुद को सेट करते हैं, तो बाद में रन बनाने की भरपूर क्षमता आपके पास होती है। शुबमन के पास शॉट्स की रेंज है, ऐसा नहीं कि वो नहीं खेल सकते। लेकिन उन्हें यह भी सोचना होगा कि बेंच पर कौन बैठा है। संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी, जो पिछले 10 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संघर्ष कर रहे हैं, उन्होंने इस साल तीन टी20 शतक लगाए, फिर भी उन्हें अपनी पोज़िशन छोड़नी पड़ी ताकि गिल को ओपनिंग मिल सके। अब न केवल उन्हें नीचे भेजा गया बल्कि टीम से बाहर भी कर दिया गया। वहीं, यशस्वी जयसवाल जैसा युवा खिलाड़ी भी बाहर बैठा है। शुबमन को यह पता है, इसलिए उन पर दबाव होना स्वाभाविक है।”
संजू सैमसन के समर्थन में इरफान पठान
इरफान पठान ने आगे कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी मेहनत के बावजूद उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा,
“अगर मैं संजू सैमसन की जगह होता तो मैं भी यही सोचता कि इतने सालों की मेहनत और रन बनाने के बाद भी हालात मेरे पक्ष में क्यों नहीं हैं। लेकिन संजू, मेरे शुभकामनाएं और दुआएं आपके साथ हैं।”
गिल पर बढ़ता दबाव
गिल को टीम इंडिया का वाइस-कैप्टन बनाए जाने के बाद उनसे लगातार रन की उम्मीद थी, लेकिन वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ों के सामने वे जूझते दिखे। टीम प्रबंधन फिलहाल उन पर भरोसा दिखा रहा है, लेकिन इरफान पठान जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की यह चेतावनी संकेत देती है कि गिल को अपनी जगह बचाने के लिए अब बड़े स्कोर की ज़रूरत है।

यशस्वी और संजू की वापसी की उम्मीद
जहां यशस्वी जयसवाल ने आईपीएल और हालिया अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपने आक्रामक खेल से पहचान बनाई है, वहीं संजू सैमसन ने पिछले एक साल में बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद सीमित मौकों में ही खेल पाए हैं। आने वाली घरेलू सीरीज़ में दोनों खिलाड़ियों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
टीम इंडिया के अंदरूनी प्रतिस्पर्धा का यह दौर साफ दिखाता है कि सिर्फ़ टैलेंट नहीं, बल्कि निरंतरता ही खिलाड़ियों के चयन का असली पैमाना बन चुकी है। अब देखना होगा कि शुबमन गिल इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अपने खेल में कितनी सुधार लाते हैं।
