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Hormuz Strait में बिछाई गई बारूदी सुरंगें अब बनीं Iran की परेशानी, खुद ही ढूंढ नहीं पा रहा ठिकाना

समुद्री मार्ग को रोकने की कोशिश उलटी पड़ी, तकनीकी सीमाओं के कारण जहाजों की आवाजाही बहाल करना बना चुनौती

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Hormuz Strait में समुद्री मार्ग पर तैनात जहाज, माइन संकट के कारण बढ़ी सुरक्षा चिंता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। Iran ने जिस रणनीति के तहत Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगें (mines) बिछाईं थीं, अब वही उसके लिए बड़ी समस्या बन गई हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान खुद ही उन सभी सुरंगों का सही स्थान पता लगाने में असमर्थ हो रहा है, जिससे समुद्री रास्ते को पूरी तरह से सुरक्षित बनाना मुश्किल हो गया है।

क्यों अहम है Strait of Hormuz?

Hormuz Strait दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है।

इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

सुरंगें बिछाने की रणनीति कैसे बनी समस्या

ईरान ने इस मार्ग को नियंत्रित करने के लिए पानी में माइन बिछाई थीं, लेकिन अब यह सामने आया है कि:

  • कई माइन अपनी जगह से बह गई हैं
  • सही मैपिंग नहीं होने के कारण उनका लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल है
  • समुद्र की धाराएं उन्हें लगातार इधर-उधर ले जा रही हैं

इन वजहों से अब इन्हें हटाना एक बड़ा तकनीकी और सुरक्षा चुनौती बन गया है।


अमेरिका का दबाव

United States लगातार ईरान पर दबाव बना रहा है कि वह इस मार्ग को जल्द से जल्द खोल दे और जहाजों की आवाजाही बहाल करे।

लेकिन ईरान ने साफ कहा है कि यह काम “तकनीकी सीमाओं” के कारण तुरंत संभव नहीं है।

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इस्लामाबाद में अहम बातचीत

इस मुद्दे को लेकर Islamabad में उच्च स्तरीय वार्ता चल रही है। इस बातचीत में यह तय किया जा रहा है कि कब और कैसे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक माइन पूरी तरह हटाई नहीं जातीं, तब तक बड़े जहाजों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा रहेगा।

वैश्विक असर की आशंका

Hormuz Strait में जारी इस संकट का असर केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा सकता है।

अगर यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहा, तो तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

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