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भारत महिला क्रिकेट टीम का वर्ल्ड कप में बड़ा सपना क्या इस बार टूटेगा 47 साल का इंतजार
घर की परिस्थितियों और दमदार फॉर्म के सहारे हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत महिला टीम पहली बार वर्ल्ड कप खिताब जीतने को तैयार
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई बार अपना दमखम दिखाया है, लेकिन ICC वर्ल्ड कप का खिताब अभी भी उसके हाथ नहीं लगा है। अब जब टूर्नामेंट एक बार फिर भारत की मेज़बानी में हो रहा है, तो उम्मीदें पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुआई में टीम इंडिया इस बार 47 साल पुराने इंतज़ार को खत्म करने की पूरी कोशिश करेगी।
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घरेलू मैदान पर बड़ा फायदा
भारत में खेले जा रहे इस वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा हथियार टीम इंडिया के लिए उसके घरेलू हालात हैं। 2017 के फाइनल और 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स की हार से सबक लेकर टीम इस बार मानसिक रूप से और मज़बूत दिख रही है।
स्मृति मंधाना का तूफान
उपकप्तान स्मृति मंधाना इस समय करियर के सबसे शानदार दौर से गुज़र रही हैं। चार शतक और 115 से ऊपर का स्ट्राइक रेट उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है। उनके साथ नई ओपनर प्रतिभा रावल की जोड़ी विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बनेगी।

कप्तान हरमनप्रीत का भरोसा
हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड बताता है कि वह बड़े टूर्नामेंट में हमेशा कुछ खास कर जाती हैं। इंग्लैंड के खिलाफ शतक और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पचासा इस बात का सबूत है कि वह पूरी तरह तैयार हैं।
जेमिमा, रिचा और दीप्ति की मज़बूत दीवार
चोट से लौटने के बाद जेमिमा रोड्रिग्स ने वार्म-अप मैच में शानदार 66 रन बनाए। वहीं, रिचा घोष और दीप्ति शर्मा जैसे खिलाड़ी मिडिल ऑर्डर और गेंदबाज़ी दोनों में गहराई लाते हैं।
गेंदबाज़ी में नई उम्मीद
तेज़ गेंदबाज़ी में वापसी कर रही रेणुका सिंह टीम के लिए राहत की खबर हैं। वहीं, 22 वर्षीय क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड दौरे पर 6 विकेट लेकर सबको चौंकाया था। हालांकि अनुभव की कमी भारत की गेंदबाज़ी में अब भी दिखती है।
स्पिन विभाग में दीप्ति शर्मा, राधा यादव और स्नेह राणा जैसी स्पिनर घरेलू पिचों पर गेम बदलने में सक्षम हैं।
इतिहास की झलक
भारत की महिला टीम ने 1976 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था। 2005 और 2017 में वह वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंची लेकिन ट्रॉफी जीत नहीं पाई। इस बार लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ खिताब पर कब्ज़ा जमाना है।
बाकी दावेदार
डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया हमेशा की तरह सबसे मज़बूत टीम है। वहीं, इंग्लैंड की टीम भी नाट स्किवर-ब्रंट की कप्तानी में खिताब दोबारा जीतने का इरादा रखती है।
न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका हालिया ICC टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं और चुनौती पेश करेंगे। वहीं, पाकिस्तान और बांग्लादेश क्वालिफायर से आते हुए सरप्राइज़ पैकेज बन सकते हैं।
क्या इस बार सपना होगा पूरा?
भारतीय महिला टीम के पास इस बार सब कुछ है—अनुभव, युवा ऊर्जा और घरेलू समर्थन। सवाल यही है कि क्या वह इस बार दबाव को मात देकर पहली बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर पाएगी?

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