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डेटा सेंटर में बढ़ी इंडियन कंपनियों की रेस Airtel, Reliance और Adani करने जा रहे 50 अरब डॉलर का निवेश
अगले 5 से 7 साल में देश में डेटा क्षमता कई गुना बढ़ेगी, कई टेक दिग्गज मिलकर 9 गीगावॉट तक का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की तैयारी में।
भारत में डेटा खपत हर साल रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रही है—OTT प्लेटफॉर्म, 5G नेटवर्क, डिजिटल पेमेंट, क्लाउड सर्विसेज और AI टूल्स के तेजी से विस्तार ने देश को दुनिया के सबसे बड़े डेटा बाजारों में शामिल कर दिया है। ऐसे में अब देश की दिग्गज कंपनियां जैसे Airtel, Reliance Industries, Adani Group और Tata Communications बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने की तैयारी में हैं।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले 5–7 वर्षों में भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर मिलकर 50 अरब डॉलर (लगभग 4.1 लाख करोड़ रुपये) तक का निवेश डेटा सेंटर इंडस्ट्री में कर सकता है। इस बड़े निवेश से देश में कुल इंस्टॉल्ड डेटा क्षमता बढ़कर 9 गीगावॉट तक पहुंचने की उम्मीद है—जो आज के मुकाबले कई गुना ज्यादा है।
Airtel ने पहले से ही बढ़ाया फोकस
भारती एयरटेल की डेटा सेंटर कंपनी Nxtra पहले ही देशभर में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है। कंपनी Delhi-NCR, मुंबई, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक हाई-डेंसिटी डेटा सेंटर बना रही है।
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AI और क्लाउड-आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए Airtel का फोकस एज-डेटा सेंटर और हाइब्रिड क्लाउड समाधानों पर भी है।
Reliance भी उतार रहा है बड़ा प्लान
Reliance Industries डिजिटल इंडिया को अगले स्तर पर ले जाने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है।
Jio Platforms, 5G सेवाओं और आने वाले AI प्रोजेक्ट्स के कारण Reliance को विशाल कंप्यूटिंग और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ेगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी देशभर में हाइपर-स्केल डेटा सेंटर बनाने पर काम कर रही है।
Adani Group की आक्रामक एंट्री
अदाणी समूह इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं में लगातार निवेश कर रहा है। अब समूह की नजर डेटा सेंटर सेक्टर पर है, जहां AdaniConneX के जरिए कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है।
अदाणी समूह ग्रीन-एनर्जी चलित बड़े डेटा सेंटर बनाकर भारत को एशिया-पैसिफिक क्षेत्र का प्रमुख डिजिटल हब बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

Tata Communications का मजबूत इकोसिस्टम
Tata Communications लंबे समय से डेटा नेटवर्क और केबल इंफ्रास्ट्रक्चर में अग्रणी रहा है।
अब कंपनी हाई-परफॉर्मेंस डेटा सेंटर बनाने, क्लाउड सेवाओं को मजबूत करने और AI-ready सर्वर क्षमताओं को बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
टाटा समूह का वैश्विक नेटवर्क और फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर उसे अन्य कंपनियों के मुकाबले मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।
भारत की डेटा अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में AI कंप्यूटिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल पेमेंट्स और ई-गवर्नेंस की मांग कई गुना बढ़ेगी।
ऐसे में यह 50 अरब डॉलर का निवेश न सिर्फ डेटा क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि—
- लाखों रोजगार पैदा करेगा
- अत्याधुनिक क्लाउड सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाएगा
- विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करेगा
- भारत को एशिया का डेटा हब बनाने की दिशा में तेजी लाएगा
तेजी से बदलते डिजिटल युग में यह निवेश भारत को तकनीक की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
