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भारत के कप्तान हरमनप्रीत कौर की निराशा, ऑस्ट्रेलिया ने 331 रनों का रिकॉर्ड चेज़ कर हराया
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला वर्ल्ड कप में भारत की हार, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने की निराशा व्यक्त, पिच पर बल्लेबाजी की गलती का जिक्र
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2025 – महिला वर्ल्ड कप में रविवार को भारत की हार ने उनके प्लेयर स्ट्रेटजी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। ऑस्ट्रेलिया ने 331 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य चेज़ करते हुए भारत को तीन विकेट से हराया, और इस जीत ने उन्हें भारतीय टीम पर मजबूती से दबाव बना दिया। भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस हार के बाद टीम के अंतिम छोर की बल्लेबाजी पर अपनी निराशा जताई और इसे जीत की राह में एक बड़ा अड़चन बताया।
भारत की शुरुआती बढ़त और फिर गिरावट:
भारत ने शानदार शुरुआत की थी, खासकर स्मृति मंधाना (80 रन) और प्रतिका रावल (75 रन) की साझेदारी से। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 155 रन जोड़े, जिससे भारत का स्कोर 294/4 तक पहुंचा। इस स्थिति में भारत का स्कोर 350+ तक पहुंचने की संभावना दिख रही थी। लेकिन उसके बाद भारत के आखिरी छह विकेट सिर्फ 36 रन पर गिर गए और इसने मैच को पूरी तरह से बदल दिया।
हरमनप्रीत कौर का बयान:
मैच के बाद हरमनप्रीत ने कहा, “हमने अच्छी शुरुआत की थी और ओपनर्स ने शानदार बल्लेबाजी की। लेकिन अंतिम छह ओवर में हम रन नहीं बना पाए, और वही हमारी हार का कारण बना। पिछले तीन मैचों में हम मध्यम ओवर में रन बनाने में असफल रहे हैं। हमें इस पर चर्चा करने की आवश्यकता होगी।”
कप्तान ने ये भी कहा कि “इस संयोजन ने हमें सफलता दी है, लेकिन दो बुरे मैचों से कोई फर्क नहीं पड़ता। हमें मिलकर रणनीति पर चर्चा करनी होगी।”
भारत की गेंदबाजी की कमजोरी:
भारत ने अपनी पाँच गेंदबाजों की रणनीति पर जोर दिया था, लेकिन यह एक बार फिर विफल हो गई। टीम को विकेटों की कमी खली और श्री चरणी (3/41) ही एकमात्र गेंदबाज रहीं जो कुछ असरदार प्रदर्शन कर सकीं। बाकी सभी गेंदबाज महंगे साबित हुए और ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों ने उन पर दबाव बना लिया।

ऑस्ट्रेलिया का शानदार चेज़:
ऑस्ट्रेलिया के लिए एलिसा हीली ने 107 गेंदों में 142 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 21 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलिया को वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी ओडीआई चेज़ को अंजाम देने में मदद की। एलिसा पेरी जो कुछ समय के लिए क्रैम्प्स के कारण रिटायर हुई थीं, अंत में नाबाद 47 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में सफल रहीं।
ऑस्ट्रेलिया की रणनीति और हीली का बयान:
हीली ने कहा, “हमने 330 रनों का लक्ष्य पूरा किया, जो हमारे लिए नई स्थिति थी।” उन्होंने अपनी टीम की गेंदबाजी को भी सराहा, “हमारे गेंदबाजों ने मैच को वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अगर वे ऐसा नहीं करते तो हम 360+ के लक्ष्य का पीछा कर रहे होते।”
कुल मिलाकर भारत के लिए यह हार एक बड़ा सबक बन गई। भारत को इस हार के बाद अपनी रणनीतियों पर नए सिरे से विचार करना होगा, खासकर गेंदबाजी संयोजन और अंतिम ओवरों में रन बनाने की रणनीति पर। अब, भारत को इंग्लैंड के खिलाफ अगले मैच में अपनी गलतियों से सीखने की जरूरत होगी।
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