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ईद-उल-फित्र 2026: सऊदी अरब और UAE ने किया ऐलान, 20 मार्च को मनाई जाएगी ईद

शव्वाल का चांद नहीं दिखा, इसलिए 29 रमज़ान के बाद एक और रोज़ा — भारत में भी 20 या 21 मार्च को ईद की संभावना

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सऊदी अरब में शव्वाल का चांद नहीं दिखा, जिसके बाद Saudi Supreme Court ने 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फित्र मनाने का एलान किया।
सऊदी अरब में शव्वाल का चांद नहीं दिखा, जिसके बाद Saudi Supreme Court ने 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फित्र मनाने का एलान किया।

रमज़ान का पाक महीना अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। दुनिया भर के मुसलमान बेसब्री से ईद-उल-फित्र का इंतज़ार कर रहे हैं और अब इस इंतज़ार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है कि इस साल ईद-उल-फित्र 2026 शुक्रवार, 20 मार्च को मनाई जाएगी।

चांद नहीं दिखा, इसलिए एक रोज़ा और

बुधवार, 18 मार्च को रमज़ान का 29वां दिन था। इस्लामी परंपरा के अनुसार, हर नए महीने की शुरुआत हिलाल यानी नए चांद की रोयत (दर्शन) से होती है। Saudi Supreme Court ने आज शव्वाल 1447 हिजरी का चांद देखने की कोशिश की, लेकिन सऊदी अरब में शव्वाल का हिलाल नज़र नहीं आया। इसी के चलते रमज़ान का महीना 30 दिन का पूरा होगा और कल, 19 मार्च, रमज़ान का आखिरी यानी 30वां दिन होगा। इसके बाद 20 मार्च को ईद-उल-फित्र की नमाज़ अदा की जाएगी।

Saudi Supreme Court ने बुलाई खास बैठक

शव्वाल की पहली तारीख तय करने के लिए Saudi Supreme Court ने एक विशेष बैठक बुलाई। इस बैठक में चांद की रोयत के नतीजों पर विचार किया गया। सुन्नत के मुताबिक चांद देखने का काम Sudair और Tumair जैसी जगहों पर किया गया, जहां Al Maj’mah University के खगोलशास्त्री इस अहम ज़िम्मेदारी के लिए तैनात थे। कोर्ट ने मुस्लिम समुदायों से भी अपील की थी कि वे अपने-अपने इलाकों में शव्वाल का चांद देखने की कोशिश करें।

भारत में कब होगी ईद?

भारत में Eid-ul-Fitr 2026 को लेकर अभी दो तारीखें सामने आ रही हैं — 20 मार्च या 21 मार्च। दरअसल, भारत में चांद की दृश्यता सऊदी अरब से अलग हो सकती है, इसलिए यहां की स्थानीय रोयत-ए-हिलाल कमेटियों का फैसला अहम होगा। Jamiat Ulama-e-Hind और Ruet-e-Hilal जैसी संस्थाएं आज शाम चांद देखने के बाद अपना एलान करेंगी। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत पूरे देश में मुस्लिम समुदाय चांद के एलान का इंतज़ार कर रहा है।

क्या है ईद-उल-फित्र का महत्व?

सऊदी अरब में शव्वाल का चांद नहीं दिखा, जिसके बाद Saudi Supreme Court ने 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फित्र मनाने का एलान किया।


ईद-उल-फित्र को “त्योहार-ए-रोज़ा इफ्तार” भी कहते हैं। पूरे एक महीने के रोज़े, तरावीह, ज़िक्र और इबादत के बाद यह दिन अल्लाह का शुक्र अदा करने का दिन होता है। इस दिन ईद की नमाज़ अदा की जाती है, ज़कात-उल-फित्र दिया जाता है और परिवार व दोस्तों के साथ खुशियां बांटी जाती हैं। बच्चों को ईदी मिलती है और घरों में सेवइयां और खीर जैसे पकवान बनाए जाते हैं।

इस्लामी कैलेंडर और चांद का रिश्ता

इस्लामी हिजरी कैलेंडर पूरी तरह चंद्रमा की चाल पर आधारित है। हर महीना या तो 29 दिन का होता है या 30 दिन का, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नया चांद कब दिखता है। यही वजह है कि ईद की तारीख हर साल बदलती रहती है और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में एक-दो दिन के फर्क के साथ मनाई जा सकती है।

सऊदी अरब और UAE के एलान के बाद Pakistan, Bangladesh, Turkey और खाड़ी देशों में भी 20 मार्च को ईद मनाने की पुष्टि होने की संभावना है। भारत में चांद की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार है — लेकिन जश्न की तैयारियां पहले से ही शुरू हो चुकी हैं।

दैनिक डायरी की तरफ से तमाम पाठकों को ईद-उल-फित्र की ढेरों मुबारकबाद। ईद मुबारक!

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