Technology
डिजिटल नौकरियों में बूम! एआई, डेटा और साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की भारी मांग – युवाओं के लिए बड़ा मौका
कंपनियां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर तेजी से बढ़ रहीं, आईटी और टेक स्किल वाले युवाओं को मिल रही सबसे ऊंची सैलरी
भारत में डिजिटलाइजेशन की रफ्तार अब रोजगार के नए युग को जन्म दे रही है। जहां पारंपरिक सेक्टरों में नौकरी के अवसर स्थिर या सीमित होते दिखाई दे रहे हैं, वहीं डिजिटल और आईटी आधारित नौकरियों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जा रही है। खासकर एआई (Artificial Intelligence), डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं।
उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक, डिजिटल कौशल रखने वाले युवाओं की मांग पिछले एक वर्ष में करीब 45% बढ़ चुकी है। बड़ी टेक कंपनियां जैसे Google, Microsoft, Infosys और TCS अपनी हायरिंग पॉलिसी में लगातार बदलाव कर रही हैं, ताकि वे टेक्नोलॉजी के नए दौर में प्रतिस्पर्धा बनाए रख सकें।
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साइबर सिक्योरिटी में सबसे बड़ा उछाल
पिछले साल भारत में साइबर हमलों के मामलों में 30% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैंकिंग, ई-कॉमर्स और हेल्थ टेक कंपनियों पर साइबर खतरों ने सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग बढ़ा दी है। कई कंपनियां अब अपने डेटा और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये का निवेश कर रही हैं।
एक साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ के अनुसार:
“आज कंपनियों के लिए डेटा ही सबसे बड़ी संपत्ति है। उसे सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत पहले से कहीं अधिक है।”
एआई और डेटा विशेषज्ञों की भारी मांग
एआई आधारित तकनीकें अब कंपनियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। चैटबॉट्स, ऑटोमेशन सिस्टम, डेटा प्रेडिक्शन मॉडल और मशीन लर्निंग के उपयोग ने एआई इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्ट्स की मांग को तेज कर दिया है।
उदाहरण के तौर पर:
हेल्थकेयर कंपनियां बीमारी की पहचान में एआई का उपयोग कर रही हैं
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म खरीदारों की पसंद का डेटा विश्लेषण कर रहे हैं
फिनटेक कंपनियां फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम विकसित कर रही हैं
सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी
रिपोर्ट्स के अनुसार डिजिटल कौशल वाले युवाओं को नौकरी के साथ-साथ बेहतर पैकेज भी मिल रहा है। औसत सैलरी वृद्धि:
- एआई इंजीनियर: ₹18–45 लाख सालाना
- डेटा साइंटिस्ट: ₹12–35 लाख
- साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट: ₹10–30 लाख
- क्लाउड आर्किटेक्ट: ₹15–40 लाख
फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म जैसे LinkedIn और Upwork पर भी भारतीय युवाओं की कमाई में तेजी आई है।
कंपनियां अब डिग्री नहीं, कौशल देख रही हैं
कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल डिग्री के आधार पर चयन नहीं हो रहा।
Google, IBM, और Tesla जैसी कंपनियाँ पहले ही घोषणा कर चुकी हैं कि उनके कई रोल्स में डिग्री अनिवार्य नहीं है।
स्टार्टअप्स भी प्रैक्टिकल नॉलेज और प्रोजेक्ट बेस्ड अनुभव वाले युवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
युवाओं के लिए बड़ा मौका
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल टैलेंट हब बन सकता है।
डिजिटल इंडिया अभियान और बढ़ती इंटरनेट पहुंच ने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी अवसर बढ़ाए हैं।

कई छात्र ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे:
- Coursera
- Udemy
- Google Skill Programs
- Microsoft Learning
के माध्यम से डिजिटल स्किल्स सीख रहे हैं।
कौन-सी स्किल्स होंगी सबसे जरूरी?
अगर युवा इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो उन्हें इन स्किल्स पर ध्यान देना चाहिए:
AI & Machine Learning
Data Analytics & Power BI
Cyber Security
Cloud Computing (AWS, Azure)
Blockchain
Digital Marketing
डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार यह साबित करता है कि आने वाला समय तकनीक आधारित नौकरियों का होगा। जो युवा अभी से तैयारी शुरू कर देंगे, उनके लिए भविष्य में अवसरों की कमी नहीं होगी।
