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सिर्फ घर नहीं, अब ‘सेहत’ भी बेच रहे हैं बिल्डर्स, वेलनेस होम्स की तेज़ी से बढ़ रही है मांग
लक्ज़री के बाद अब हेल्दी लाइफस्टाइल बना रियल एस्टेट का नया फोकस, खरीदार बदल रहे हैं अपनी प्राथमिकताएं
एक समय था जब घर खरीदते वक्त लोगों की पहली पसंद लोकेशन, कीमत और बेसिक सुविधाएं होती थीं। लेकिन बदलते दौर के साथ अब घर सिर्फ चार दीवारों तक सीमित नहीं रह गया है। आज खरीदार ऐसा घर चाहते हैं जो उन्हें बेहतर जीवन के साथ-साथ अच्छी सेहत भी दे सके। यही वजह है कि रियल एस्टेट सेक्टर में अब ‘वेलनेस होम्स’ का ट्रेंड तेज़ी से उभर रहा है।
घर अब सिर्फ रहने की जगह नहीं
कोरोना महामारी के बाद लोगों ने अपनी सेहत को लेकर सोचने का नजरिया बदला है। वर्क फ्रॉम होम, बढ़ता तनाव और बदलती जीवनशैली ने यह साफ कर दिया कि घर का वातावरण सीधा हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए बिल्डर्स अब ऐसे प्रोजेक्ट्स डिजाइन कर रहे हैं, जो हेल्दी लिविंग को बढ़ावा दें।
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वेलनेस होम्स में क्या खास है
वेलनेस होम्स में सिर्फ जिम या पार्क ही नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग सेहत को ध्यान में रखकर की जाती है। बेहतर वेंटिलेशन, प्राकृतिक रोशनी, एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम, योग और मेडिटेशन ज़ोन, हरे-भरे ओपन स्पेस और कम प्रदूषण वाले वातावरण पर खास फोकस किया जा रहा है। कुछ प्रोजेक्ट्स में तो ऑर्गेनिक गार्डन और वॉकिंग ट्रेल्स भी शामिल किए जा रहे हैं।
बिल्डर्स क्यों बदल रहे हैं रणनीति
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब ग्राहक सिर्फ मार्बल फ्लोरिंग या स्विमिंग पूल से प्रभावित नहीं होते। वे यह जानना चाहते हैं कि घर में रहने से उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी कितनी बेहतर होगी। इसी मांग को देखते हुए बिल्डर्स अपने प्रोजेक्ट्स को ‘वेलनेस-केंद्रित’ बना रहे हैं, ताकि वे बाजार में अलग पहचान बना सकें।

खरीदारों की सोच में बड़ा बदलाव
आज का खरीदार लंबे समय की सोच के साथ निवेश कर रहा है। वह चाहता है कि घर न सिर्फ आरामदायक हो, बल्कि तनाव कम करे और हेल्दी रूटीन अपनाने में मदद करे। खासतौर पर युवा परिवार और सीनियर सिटिज़न्स के बीच वेलनेस होम्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
भविष्य का रियल एस्टेट ट्रेंड
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में वेलनेस होम्स कोई लग्ज़री नहीं, बल्कि ज़रूरत बन सकते हैं। जिस तरह आज सुरक्षा और पावर बैकअप जरूरी माने जाते हैं, उसी तरह सेहत से जुड़ी सुविधाएं भी हर हाउसिंग प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा बन सकती हैं।
रियल एस्टेट की यह नई सोच साफ संकेत देती है कि आने वाले समय में घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल का आधार होंगे।
