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BCCI ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को दी चेतावनी — “भारत के लिए खेलना है तो खेलो घरेलू वनडे”
टीम इंडिया में बने रहने के लिए अब जरूरी होगा विजय हजारे ट्रॉफी खेलना, बोर्ड ने भेजा सख्त संदेश
भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारे — विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) — को लेकर BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने बड़ा कदम उठाया है। खबर है कि बोर्ड ने दोनों खिलाड़ियों को साफ संदेश भेजा है — अगर वे वनडे टीम में बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू वनडे टूर्नामेंट “विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy)” में हिस्सा लेना होगा।
इस निर्णय के साथ BCCI ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी खिलाड़ी, चाहे वह कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो, घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाकर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की नहीं रख सकता।
विजय हजारे ट्रॉफी बनेगी टेस्टिंग ग्राउंड
सूत्रों के मुताबिक, BCCI ने चयनकर्ताओं को निर्देश दिया है कि खिलाड़ियों के चयन में उनके घरेलू प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाए। यह फैसला इस बात को ध्यान में रखकर लिया गया है कि युवा खिलाड़ियों को मौका देने के साथ-साथ अनुभवी सितारों की मैच फिटनेस और फॉर्म की भी जांच हो सके।
अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ, तो कोहली और रोहित दोनों को 24 दिसंबर से शुरू हो रही विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए देखा जा सकता है।
वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट संदेश
बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा —
“जो भी खिलाड़ी भारत के लिए खेलना चाहता है, उसे घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करना होगा। यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होगा।”
इस बयान से यह साफ है कि BCCI अब अपने चयन मानकों को सख्ती से लागू कर रही है। यह कदम विशेष रूप से उन खिलाड़ियों के लिए है जो लंबे अंतराल के बाद सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करना चाहते हैं।

क्यों जरूरी है यह फैसला?
पिछले कुछ महीनों से BCCI को इस बात की चिंता रही है कि कई सीनियर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में भाग नहीं लेते, जिससे युवा खिलाड़ियों को सीखने के मौके कम मिलते हैं।
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) जैसे दिग्गज पहले भी कह चुके हैं कि घरेलू क्रिकेट किसी भी खिलाड़ी की “जड़” है — और वही असली मजबूती देता है।
फिटनेस और फॉर्म पर रहेगा फोकस
कोहली और रोहित दोनों ने टेस्ट और टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, लेकिन वनडे में अब भी भारत की अहम योजनाओं का हिस्सा हैं।
हालांकि, उनकी फिटनेस और बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में बोर्ड का यह कदम उन्हें मैच प्रैक्टिस में बनाए रखने और प्रदर्शन का स्तर जांचने का तरीका माना जा रहा है।
फैंस की प्रतिक्रिया
फैंस के बीच इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने कहा कि “कोहली और रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने की जरूरत नहीं,” जबकि अन्य ने इसे “जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में सही कदम” बताया।
एक फैन ने लिखा — “अगर विराट विजय हजारे में खेलते हैं, तो टूर्नामेंट की रौनक दोगुनी हो जाएगी।”
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा वास्तव में घरेलू मैदान पर उतरेंगे? अगर हां, तो यह भारतीय क्रिकेट में “सीनियर्स की वापसी टू ग्राउंड” का नया अध्याय हो सकता है।
बोर्ड का यह कदम यह भी दिखाता है कि अब भारतीय क्रिकेट में नाम नहीं, प्रदर्शन चलेगा — और यही संदेश युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
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