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एशेज में England’s टीम पर उठे सवाल, क्वींसलैंड में कथित ‘अत्यधिक शराबखोरी’ की ECB करेगी जांच
एडिलेड टेस्ट से पहले छुट्टी के दौरान खिलाड़ियों के व्यवहार पर मचा बवाल, रॉब की बोले – यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं
एशेज सीरीज़ में लगातार झटके झेल रही इंग्लैंड क्रिकेट टीम अब मैदान के बाहर एक और विवाद में फंसती नजर आ रही है। England and Wales Cricket Board (ECB) ने पुष्टि की है कि वह क्वींसलैंड में खिलाड़ियों की कथित अत्यधिक शराबखोरी की रिपोर्ट्स की जांच करेगा।
ECB के मैनेजिंग डायरेक्टर Rob Key ने एशेज में मिली हार पर चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए इस तरह का व्यवहार “पूरी तरह अस्वीकार्य” है।
ब्रिस्बेन हार के बाद नोसा में ब्रेक
दूसरे टेस्ट में ब्रिस्बेन में हार झेलने के बाद इंग्लैंड टीम को तीसरे टेस्ट से पहले चार दिन का ब्रेक मिला था। इस दौरान टीम क्वींसलैंड के तटीय इलाके नोसा पहुंची, जहां खिलाड़ियों ने माहौल बदलने और मानसिक रूप से तरोताज़ा होने का फैसला किया।
हालांकि, बाद में सामने आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कुछ खिलाड़ी इस दौरान लगातार कई दिनों तक शराब पीते रहे, जिससे टीम की तैयारी पर सवाल खड़े हो गए।

रॉब की का सख्त रुख
रॉब की ने कहा कि ब्रेक लेना अपने आप में गलत नहीं था और उन्होंने खिलाड़ियों को मानसिक राहत देने के फैसले का बचाव भी किया। लेकिन साथ ही उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी जोड़ा,
“अगर यह सच है कि खिलाड़ी जरूरत से ज्यादा शराब पी रहे थे, तो यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के मानकों के खिलाफ है।”
उनके मुताबिक, ECB इस पूरे मामले को गंभीरता से देखेगा और रिपोर्ट्स की गहराई से जांच की जाएगी।
एडिलेड टेस्ट की तैयारी पर सवाल
तीसरे टेस्ट से पहले यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब इंग्लैंड की तैयारी और अनुशासन पहले ही आलोचनाओं के घेरे में है। The Ashes के तीसरे टेस्ट में एडिलेड में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद यह बहस और तेज़ हो गई कि क्या मैदान के बाहर की गतिविधियों का असर मैदान पर दिखा।
पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे टूर पर खिलाड़ी मानसिक थकान से जूझते हैं, लेकिन प्रोफेशनल स्तर पर संतुलन बनाए रखना उतना ही जरूरी होता है।
ड्रेसिंग रूम कल्चर पर भी नजर
इस मामले ने इंग्लैंड क्रिकेट के ड्रेसिंग रूम कल्चर और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ECB के लिए यह जांच सिर्फ अनुशासन का मामला नहीं, बल्कि यह तय करने का मौका भी है कि भविष्य में ऐसे ब्रेक कैसे मैनेज किए जाएं।
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