Sports
ईडन गार्डन्स की पिच पर ICC की मुहर, भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टेस्ट के बाद मिला ‘संतोषजनक’ दर्जा
तीन दिन में खत्म हुए टेस्ट मैच के बावजूद ICC मैच रेफरी ने ईडन गार्डन्स की पिच को माना नियमों के अनुरूप
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की पिच को लेकर काफी चर्चा रही। मैच सिर्फ तीन दिनों में खत्म हो गया, स्पिनरों का दबदबा साफ दिखा और बल्लेबाजों को रन बनाना बेहद मुश्किल लगा। इसी बीच अब इस पिच को लेकर International Cricket Council (ICC) की आधिकारिक रेटिंग सामने आ गई है।
ICC के मैच रेफरी Richie Richardson ने इस पिच को “Satisfactory” यानी संतोषजनक करार दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दुनिया भर में पिचों की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज है और हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट की पिच को असंतोषजनक रेटिंग भी मिल चुकी है।
ईडन गार्डन्स टेस्ट में गेंद ने शुरुआत से ही टर्न लेना शुरू कर दिया था। दक्षिण अफ्रीका की टीम पहली पारी में 159 और दूसरी पारी में 153 रन पर सिमट गई, जबकि भारत की टीम भी 189 और 93 रन ही बना सकी। लगातार गिरते विकेटों और स्पिन के असर ने मैच को तेज़ी से आगे बढ़ाया।
आखिरकार दक्षिण अफ्रीका ने यह मुकाबला 30 रन से जीत लिया और इसके साथ ही उसने भारत में 15 साल बाद टेस्ट जीत का सूखा भी खत्म कर दिया। यह जीत सिर्फ स्कोरलाइन के लिहाज से नहीं, बल्कि मानसिक बढ़त के रूप में भी मेहमान टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

दिलचस्प बात यह है कि ईडन गार्डन्स की पिच को “संतोषजनक” रेटिंग मिलने की तुलना हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) टेस्ट से की जा रही है। उस मैच में पिच सिर्फ दो दिन में खत्म हो गई थी, जिसके बाद ICC ने उसे “Unsatisfactory” करार दिया था। वहां इंग्लैंड ने 15 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीत दर्ज की थी।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ICC अब सिर्फ मैच के दिनों की संख्या नहीं, बल्कि खेल के संतुलन, गेंद और बल्ले के बीच मुकाबले और खिलाड़ियों की सुरक्षा जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखकर पिचों का मूल्यांकन कर रहा है। ईडन गार्डन्स की पिच भले ही स्पिन के अनुकूल रही हो, लेकिन ICC के मानकों के अनुसार वह नियमों के भीतर थी।
भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए यह हार जरूर निराशाजनक रही, लेकिन पिच को लेकर ICC की रेटिंग ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू हालात में भी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया गया। आने वाले टेस्ट मैचों में पिचों की भूमिका और भी ज्यादा अहम होने वाली है, खासकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से।
और पढ़ें- DAINIK DIARY
