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Virat Kohli ‘God Mode’ में पहुंचे Michael Bevan का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
विजय हज़ारे ट्रॉफी में 77 रनों की पारी के साथ विराट कोहली बने लिस्ट-A क्रिकेट के सबसे ज्यादा औसत वाले बल्लेबाज़
भारतीय क्रिकेट के ‘किंग’ Virat Kohli ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि क्लास कभी खत्म नहीं होती। विजय हज़ारे ट्रॉफी में गुजरात के खिलाफ दिल्ली की ओर से खेलते हुए 77 रनों की शानदार पारी के साथ कोहली ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसे सालों से अटूट माना जा रहा था।
इस पारी के बाद विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज़ Michael Bevan का रिकॉर्ड तोड़ते हुए लिस्ट-A क्रिकेट इतिहास में सबसे अधिक औसत रखने वाले बल्लेबाज़ बनने का गौरव हासिल किया। कोहली का लिस्ट-A औसत अब 57.87 हो गया है, जबकि Bevan का रिकॉर्ड 57.86 का था।
विजय हज़ारे ट्रॉफी में चमका विराट का बल्ला
यह ऐतिहासिक उपलब्धि Vijay Hazare Trophy के मुकाबले में आई, जहां कोहली ने सिर्फ 61 गेंदों में 77 रन बनाए। यह पारी सिर्फ टीम के लिए अहम नहीं थी, बल्कि कोहली के करियर की सबसे बड़ी सांख्यिकीय छलांग भी साबित हुई।
लिस्ट-A क्रिकेट के टॉप औसत बल्लेबाज़
विराट कोहली के इस रिकॉर्ड के साथ लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे ज्यादा औसत रखने वाले बल्लेबाज़ों की सूची भी बदल गई है। कोहली अब इस सूची में शीर्ष पर पहुंच गए हैं, जिसमें उनके बाद Michael Bevan, Sam Hain, Cheteshwar Pujara, और Ruturaj Gaikwad जैसे नाम शामिल हैं।

‘God Mode’ में क्यों कहे जा रहे हैं कोहली
पिछले छह लिस्ट-A मुकाबलों में विराट कोहली ने 584 रन बनाए हैं, वो भी 146.00 के हैरतअंगेज़ औसत से। इस दौरान उनके स्कोर 77, 131, 65*, 102, 135 और 74 रहे हैं। क्रिकेट फैंस इस फॉर्म को सोशल मीडिया पर “God Mode” कह रहे हैं।
उम्र सिर्फ एक नंबर साबित कर रहे विराट
2025 में जहां कई दिग्गज खिलाड़ियों के करियर पर सवाल उठ रहे थे, वहीं विराट कोहली ने अपने खेल की रफ्तार और स्ट्राइक रेट को और तेज कर दिया। इस साल लिस्ट-A क्रिकेट में उनका स्ट्राइक रेट 110 से ऊपर रहा है, जो दिखाता है कि वह आधुनिक व्हाइट-बॉल क्रिकेट के साथ खुद को लगातार ढाल रहे हैं।
इतना ही नहीं, कोहली ने लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे तेज़ 16,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, जिसमें उन्होंने Sachin Tendulkar को 61 पारियों से पीछे छोड़ दिया।
विराट कोहली का यह रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस निरंतरता, भूख और मानसिक मजबूती की मिसाल है, जिसने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाज़ों में शामिल कर दिया है।
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