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“कप्तान का काम सिर्फ टॉस नहीं, रन बनाना भी है”—आकाश चोपड़ा ने सूर्या की फॉर्म पर साधा निशाना
T20I में 19 मैचों में सिर्फ 201 रन, कप्तान सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म पर बढ़ी चिंता
भारतीय T20 टीम के कप्तान Suryakumar Yadav की फॉर्म इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। साल 2025 में खेले गए T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सूर्या के आंकड़े उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। 19 T20I मैचों में उन्होंने कुल 201 रन बनाए हैं, औसत 14.35 और स्ट्राइक रेट 126.45—जो एक टॉप-4 बल्लेबाज़ और कप्तान के लिए सवाल खड़े करता है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे T20I में मullanpur में 51 रन की हार के दौरान सूर्या की चार गेंदों पर 5 रन की पारी ने बहस को और तेज कर दिया। इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
“कप्तान का पहला काम रन बनाना है”
अपने यूट्यूब विश्लेषण में आकाश चोपड़ा ने साफ कहा कि कप्तानी केवल टॉस, फील्ड प्लेसमेंट या गेंदबाज़ों को मैनेज करने तक सीमित नहीं है।
उनके शब्दों में—अगर कोई बल्लेबाज़ टॉप-4 में खेलता है और कप्तान भी है, तो उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी रन बनाना होती है।
चोपड़ा ने आंकड़ों की ओर इशारा करते हुए कहा कि 17 पारियों में औसत 14 के आसपास होना, एक भी अर्धशतक न बन पाना और सिर्फ दो बार 25 रन पार करना—ये संकेत बताते हैं कि समस्या सिर्फ फॉर्म की नहीं, बल्कि भूमिका निभाने की भी है।

टीम इंडिया के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
भारतीय टीम India vs South Africa सीरीज़ में प्रयोग कर रही है, लेकिन कप्तान का रन न बनाना ड्रेसिंग रूम पर दबाव बढ़ाता है। कप्तान जब रन करता है, तो फैसलों पर भरोसा बढ़ता है; जब नहीं करता, तो हर निर्णय सवालों के घेरे में आता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि T20 जैसे तेज़ फॉर्मेट में कप्तान की बल्लेबाज़ी टीम के टेम्पो को सेट करती है। सूर्या की मौजूदा फॉर्म उस टेम्पो को बनाने में चूक रही है।
आगे का रास्ता क्या?
टी20 कैलेंडर व्यस्त है और बड़े टूर्नामेंट नज़दीक हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए यह वक्त ईमानदार समीक्षा का है—क्या सूर्या को भूमिका में बदलाव चाहिए, क्या बल्लेबाज़ी क्रम में फेरबदल होगा, या फिर कप्तान से ही बड़ा योगदान अपेक्षित है?
फैंस की उम्मीदें साफ हैं—रणनीति के साथ-साथ रन भी चाहिए। और यही आकाश चोपड़ा का संदेश भी है।
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