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रात 2 बजे ट्रेन में ड्रामेटिक गिरफ्तारी… पूर्व IPS अधिकारी Amitabh Thakur को शहजहाँपुर जंक्शन से UP पुलिस उठा ले गई—पत्नी Nutan Thakur बोलीं “मैं डर गई थी…”
दिल्ली जाते वक्त AC कोच में पहुंची टीम, ‘जमीन आवंटन विवाद’ वाले पुराने केस में अचानक गिरफ्तारी—सोशल मीडिया अकाउंट भी निलंबित
उत्तर प्रदेश की राजनीति, पुलिस कार्रवाई और पुराने विवादों के बीच बुधवार तड़के एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पूर्व IPS अधिकारी और आज़ाद अधिकार सेना के प्रमुख Amitabh Thakur को लखनऊ क्राइम ब्रांच ने शहजहाँपुर जंक्शन से रात लगभग 2 बजे गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई तब हुई जब वे Lucknow Superfast Express से दिल्ली जा रहे थे। जैसे ही ट्रेन शहजहाँपुर स्टेशन पर रुकी, पहले से तैनात पुलिसकर्मी सीधे AC कोच में घुसे और उन्हें हिरासत में ले लिया। यह पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से हुआ कि यात्रियों को समझने का भी मौका नहीं मिला कि हो क्या रहा है।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीधे देवरिया स्थित सदर कोतवाली ले जाया गया, जहाँ मीडिया को प्रवेश तक की अनुमति नहीं दी गई। इससे मामले को लेकर और भी सवाल खड़े होने लगे।
सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड—समर्थकों में चिंता बढ़ी
पुलिस अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि Amitabh Thakur और उनकी पत्नी Nutan Thakur के X (Twitter) अकाउंट्स को निलंबित कर दिया गया है। इससे उनके समर्थकों और संगठन Azad Adhikar Sena से जुड़े कार्यकर्ताओं में तनाव फैल गया है।

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आख़िर क्या है गिरफ्तारी की वजह? पत्नी ने बताई पूरी कहानी
पत्नी Nutan Thakur, जो खुद भी एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई 25 साल पुराने जमीन आवंटन विवाद को जबरन खींचकर की गई है।
उन्होंने बताया कि:
- 1999 में, जब Amitabh Thakur देवरिया में Superintendent of Police पद पर थे, तब एक प्लॉट उनके नाम से खरीदा गया था।
- दस्तावेज़ों में उनके नाम की स्पेलिंग गलती की वजह से बाद में वह प्लॉट सरेंडर कर दिया गया था।
- उनका दावा है कि यह मामला पुराने कागज़ों से निकाला गया है ताकि परिवार पर दबाव बनाया जा सके।
पत्नी ने बताया, “वह दिल्ली ऑफिसियल वर्क के लिए जा रहे थे, तभी plainclothes पुलिसकर्मियों ने अचानक उन्हें ट्रेन से उतार लिया। मुझे उनकी सुरक्षा की चिंता थी क्योंकि मुझे कुछ भी नहीं बताया गया था।”
उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले इसी जमीन विवाद को लेकर देवरिया में एक FIR दर्ज की गई थी जिसमें दोनों पति-पत्नी को आरोपी बनाया गया था।
पहले हिरासत, फिर औपचारिक गिरफ्तारी: GRP अधिकारी का बयान
GRP इंचार्ज अनिल कुमार ने पुष्टि की कि लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीम पहले से शहजहाँपुर में मौजूद थी।
जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आई, टीम ने तुरंत Amitabh Thakur को अपनी कस्टडी में ले लिया और बाद में उन्हें “औपचारिक रूप से गिरफ्तार” दिखाया गया।

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पुलिस का कहना है कि:
- प्राथमिक पूछताछ के बाद
- उन्हें देवरिया की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा
यह भी कहा गया कि तीन महीने पहले दर्ज की गई FIR में दोनों—पति और पत्नी—को पहले ही नामजद कर दिया गया था।
नया क्या है?
इस पूरे घटनाक्रम ने अचानक से कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
कुछ लोगों का मानना है कि यह मामला सिर्फ पुरानी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है,
जबकि कई कार्यकर्ता इसे राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस गिरफ्तारी को लेकर दो धड़े साफ नजर आ रहे हैं—
एक पक्ष कहता है कि “कानून अपना काम कर रहा है”,
जबकि दूसरा पक्ष इसे “टार्गेटेड एक्शन” बता रहा है।
आगे क्या?
अब निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि देवरिया की अदालत में पुलिस क्या प्रस्तुत करेगी, और बचाव पक्ष कौनसे नए तर्क पेश करेगा।
इस बीच, समर्थकों ने कहा है कि वे Amitabh Thakur की गिरफ्तारी के विरोध में जल्द ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोषणा कर सकते हैं।
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