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“What A Load Of Bulls*”—ज्योफ्री बॉयकॉट ने इंग्लैंड टीम की लगाई क्लास, बोले: ‘ऐशेज तो दूर, एग कप भी नहीं जीत सकते’**
इंग्लैंड 0-2 से पीछे, और दिग्गज सर ज्योफ्री बॉयकॉट ने बेन स्टोक्स–ब्रेंडन मैकुलम पर बोला जोरदार हमला; ‘बज़बॉल’ को बताया बंद कमरा और टूटता बुलबुला
ऐशेज 2025-26 में इंग्लैंड की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
0-2 से पीछे खड़ी टीम में घबराहट साफ दिखाई दे रही है, और अब इंग्लैंड के पूर्व महान खिलाड़ी सर ज्योफ्री बॉयकॉट ने कप्तान बेन स्टोक्स और कोच ब्रेंडन मैकुलम की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए बेहद कड़े शब्दों में टीम की आलोचना की है।
बॉयकॉट ने ऐशेज के पहले दो टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की शर्मनाक हार को लेकर कहा कि टीम को अब “चमत्कार” की जरूरत है।
पहले टेस्ट में दो दिन में हार और फिर गाबा में 8 विकेट की करारी हार—इन छह दिनों ने इंग्लैंड को घुटनों पर ला दिया है
“छह दिन में हालत खराब… इंग्लैंड को चमत्कार चाहिए”—बॉयकॉट
The Telegraph में लिखे अपने कॉलम में बॉयकॉट ने कहा:
“सिर्फ छह दिन की ऐशेज क्रिकेट के बाद इंग्लैंड को एक मिरेकल चाहिए। ब्रिस्बेन एक हॉरर शो था—गैर-जिम्मेदार बैटिंग, बेकार गेंदबाज़ी और लगातार कैच गिराना।”
उन्होंने आगे लिखा:
“इस तरह की बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी से वे एग कप भी नहीं जीत सकते, ऐशेज तो बहुत दूर की बात है।”
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बाज़बॉल दर्शन पर भी जमकर हमला
ब्रेंडन मैकुलम और बेन स्टोक्स की आक्रामक क्रिकेट फिलॉसफी—जिसे Bazball कहा जाता है—पर बॉयकॉट ने सबसे कड़ा वार किया।
उन्होंने लिखा:
“बेन और उनकी टीम जो कुछ भी कहती है, उस पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता। वे बाहर की किसी भी सलाह को सुनने को तैयार ही नहीं हैं।”
“वे एक बंद कमरे में रहते हैं, मानो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को नए सिरे से खोज लिया हो।”
स्टोक्स का पसंदीदा मंत्र
“Attack, attack!”
और कोच मैकुलम का डायलॉग
“Keep the faith”
पर भी बॉयकॉट ने कटाक्ष किया।
हैरी ब्रूक, ओली पोप समेत बल्लेबाज़ों को भी नहीं बख्शा
बॉयकॉट ने हैरी ब्रूक, ओली पोप जैसे युवा बल्लेबाज़ों पर तीखा हमला किया।
उनके अनुसार:

“कठिन हालात में हैरी ने टीम को बार-बार निराश किया है… शायद वे कभी नहीं सीखेंगे।”
“ओली पोप बहुत बार अपनी विकेट फेंक देते हैं। वह कभी नहीं सीखता। हमेशा निराश करता है।”
गेंदबाज़ों को कहा ‘बेकार’, विल जैक्स का मजाक उड़ाया
बॉयकॉट ने गेंदबाज़ी पर भी बड़ा सवाल उठाया:
“हम अनिश्चितता वाली लाइन पर गेंदबाज़ी क्यों नहीं कर रहे? यह हमारी ताकत है, न कि लगातार शॉर्ट बॉल फेंकना।”
ब्राइडन कार्स के बारे में लिखा:
“लगता है वह पिच के बीच में छेद करने की कोशिश कर रहा था।”
सबसे कठोर टिप्पणी उन्होंने विल जैक्स पर की:
“अगर यह टेस्ट क्रिकेटर है, तो मेरी मां भी उसकी गेंदबाज़ी को रुबार्ब की स्टिक से खेल लेती।”
यह बॉयकॉट की सबसे तीखी लाइनों में से एक मानी जा रही है।
इंग्लैंड टीम मुश्किल में—क्या वापसी संभव है?
विश्लेषकों का मानना है कि इंग्लैंड की सबसे बड़ी समस्या रणनीति का जिद्दीपन है।
जहाँ ऑस्ट्रेलिया जैसे विपक्षी लगातार प्लान बदलते हैं, वहीं इंग्लैंड उसी आक्रामक फॉर्मूले से चिपके हुए हैं, चाहे हालात कुछ भी हों।
ऐसे में सवाल है:
- क्या इंग्लैंड की यह टीम अगले तीन टेस्ट मैचों में चमत्कार कर पाएगी?
- क्या स्टोक्स–मैकुलम की बाज़बॉल रणनीति अब खत्म हो चुकी है?
- क्या टीम बदलावों पर विचार करेगी या अहंकार पर अड़ी रहेगी?
फिलहाल जवाब कम हैं और सवाल बहुत ज़्यादा।
