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“80 साल का रिकॉर्ड टूटा! West Indies ने New Zealand के खिलाफ रचा चौथी पारी का इतिहास—Greaves की डबल सेंचुरी बनी ढाल”
Christchurch टेस्ट में West Indies ने हार टालते हुए 457/6 का विशाल चौथी पारी स्कोर खड़ा किया—1939 के बाद दुनिया की सबसे बड़ी चौथी पारी का कारनामा। Justin Greaves, Shai Hope और Kemar Roach बने नायक।
Christchurch के शांत लेकिन रोमांच से भरे मैदान ने टेस्ट क्रिकेट का वह अध्याय देखा, जिसकी गूंज आने वाले कई वर्षों तक सुनाई देगी। West Indies ने जिस अंदाज़ में New Zealand के खिलाफ पहली टेस्ट मैच में हार को ड्रॉ में बदला, वह सिर्फ बहादुरी नहीं—एक ऐतिहासिक चमत्कार था।
531 रनों के असंभव जैसे लक्ष्य के सामने कैरेबियाई टीम ने 457/6 बनाकर मुकाबला बचाया, जो 80 साल में चौथी पारी का सबसे बड़ा कुल स्कोर है। इससे पहले 1939 में Durban में इंग्लैंड ने 654/6 बनाए थे, जो एक timeless टेस्ट का हिस्सा था।
इस मैच से पहले, नए World Test Championship चक्र में वेस्टइंडीज़ लगातार पाँच हार झेल चुकी थी। यह ड्रॉ न केवल टीम के आत्मविश्वास को संभालता है, बल्कि पहला अंक भी दिलाता है।
Greaves की डबल सेंचुरी—थकान, दर्द और जिद का संगम
दिन की शुरुआत वेस्टइंडीज़ ने 212/4 से की।
Justin Greaves (55*) और Shai Hope (100*) क्रीज़ पर थे—दोनों पर जिम्मेदारी थी और दबाव भी।
Hope ने 140 रन बनाकर टीम की रीढ़ मजबूत रखी, लेकिन Jacob Duffy की शॉर्ट-बॉल रणनीति ने उन्हें गिरा दिया। Hope के आउट होते ही लगा कि मैच तेजी से न्यूजीलैंड की ओर झुक जाएगा।
लेकिन जो हुआ, उसने मैच की नियति ही बदल दी।
Greaves ने:
- लगातार क्रैम्प्स झेलते हुए,
- कई बार मैदान में फिजियो बुलाते हुए,
- फिर भी बैटिंग छोड़ने से इंकार करते हुए
अपनी पहली टेस्ट डबल सेंचुरी ठोक दी।
उनका यह संघर्ष कैरेबियन क्रिकेट की पुरानी याद दिलाता है—जीत नहीं मिले तो भी हार मानना मंजूर नहीं।
Kemar Roach—233 गेंदों की ईंट की दीवार
जब Tevin Imlach छह रन पर lbw हुए, तब वेस्टइंडीज़ को जरूरत थी एक ऐसे बल्लेबाज़ की, जो Greaves के साथ टिक सके।
Kemar Roach, जिन्हें आमतौर पर तेज गेंदबाज के रूप में देखा जाता है, बल्ले से दीवार बन गए।
उनकी पारी के दो चरण थे:
- पहले 50 रन सिर्फ 110 गेंदों में—तेजी से जीत की कोशिश
- फिर 233 गेंदों में 58 रन*—पूरी तरह रक्षात्मक मोड
इस तरह की “एडेप्टिव बैटिंग” आज के क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलती है।
Greaves ने मैच के बाद कहा:
“Kemar, the senior pro, guided me all the way.”
उनकी यह साझेदारी ही थी जिसने न्यूजीलैंड के हाथों से जीत छीन ली।

Hope, Greaves, Roach—तीनों ने मिलकर बदला मैच का रंग
इन तीनों खिलाड़ियों ने 531 के लक्ष्य के सामने:
- मजबूत साझेदारियाँ बनाईं
- आखिरी सेशन तक विकेट संभाला
- स्कोरकार्ड में ऐसा इतिहास रचा, जिसे आने वाली पीढ़ियाँ पढ़ेंगी
अगर Shai Hope न होते, तो शुरुआती स्थिरता नहीं मिलती।
अगर Greaves न होते, तो चौथी पारी में डबल सेंचुरी का सपना भी नहीं।
अगर Roach न होते, तो रक्षात्मक मजबूती टूट सकती थी।
Sammy का संदेश—“एक बार सेट हो जाओ, आखिरी सेशन तक टिकना है”
वेस्टइंडीज़ के कोच Daren Sammy ने मैच से पहले खिलाड़ियों को यही कहा था—
“Once you get in, stay in.”
Greaves ने इस मंत्र को सच कर दिखाया।
उनकी डबल सेंचुरी सिर्फ आंकड़ा नहीं—जिद, भरोसा और धैर्य की मिसाल है।
न्यूज़ीलैंड के लिए बड़ी चूक—कहीं रणनीति तो नहीं बिगड़ी?
New Zealand:
- गेंदबाजी में शॉर्ट-बॉल का सहारा लेता रहा
- लेकिन Greaves–Roach की साझेदारी को तोड़ने के लिए विविधता कम दिखी
- शुरुआत में तेज गेंदबाजों की धार दिखी, पर लंबे स्पेल में वही धार कम हो गई
कुछ क्रिकेट पंडितों का मानना है कि न्यूजीलैंड ने “ओवर-अटैकिंग” रणनीति अपनाई, जिससे मैच हाथ से निकल गया।
अब नज़र दूसरे टेस्ट पर—Wellington में होगा हिसाब-किताब
शृंखला का दूसरा टेस्ट 10 दिसंबर से Wellington में शुरू होगा।
वेस्टइंडीज़ का मनोबल आसमान पर है, लेकिन न्यूजीलैंड इस ड्रॉ को अपनी नाक पर चोट मान रही है।
दूसरा टेस्ट अब “मनोवैज्ञानिक मुकाबले” जैसा होगा।
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