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रवि शास्त्री का कड़ा अल्टीमेटम: “रोहित-विराट के साथ मस्ती मत करो यार… वरना सब उड़ जाएंगे!”
पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने खुले शब्दों में BCCI, अजित अग़रकर और टीम मैनेजमेंट को चेतावनी दी—अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा को छेड़ा गया, तो इसके नतीजे संभाले नहीं जाएंगे।
भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे बड़ी सुर्खियाँ सिर्फ दो नामों के इर्द-गिर्द घूम रही हैं—विराट कोहली और रोहित शर्मा। इन दोनों दिग्गजों पर आये दिन सवाल खड़े किए जा रहे हैं, कभी फिटनेस को लेकर, कभी भविष्य को लेकर। पर इसी बहस के बीच पूर्व कोच रवि शास्त्री ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।
शास्त्री, जो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं, इस बार पहले से भी ज्यादा तीखे अंदाज़ में सामने आए। प्रभात खबर को दिए इंटरव्यू के टीज़र में उन्होंने बिना सीधे BCCI का नाम लिए एक सख्त संदेश दिया—
“इन दोनों के साथ मस्ती मत करो यार… ये व्हाइट-बॉल के दादा हैं।”
“अगर दिमाग सही जगह आ गया ना… सब ऊपर से निकल जाएंगे” — शास्त्री
इंटरव्यू में शास्त्री ने साफ कहा कि विराट और रोहित जैसे खिलाड़ियों से ‘मस्ती’ या ‘नीडलिंग’ करना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। उनके शब्द थे—
“Agar unka dimaag theek ho gaya na aur sahi button dabaya, sab aaju-baaju nikal jayenge।”
यह बयान उस माहौल को एकदम स्पष्ट करता है, जहां इन दोनों दिग्गजों को लेकर लगातार चर्चाएं और साइडलाइन करने की कोशिशों की खबरें सामने आ रही हैं।
जब इंटरव्यू में पूछा गया—“कौन हैं ये लोग जो इनके साथ मस्ती कर रहे हैं?”—
शास्त्री ने जवाब दिया:
“जो करना चाहते हैं… वही।”
यानी संदेश साफ है—रोहित और विराट पर किसी भी तरह के दवाब या राजनीति को शास्त्री बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
अनुभव का कोई विकल्प नहीं—शास्त्री की दो टूक
शास्त्री ने यह भी याद दिलाया कि अनुभव बाज़ार में नहीं मिलता।
उन्होंने कहा—
“एक मास्टर चेज़र है, दूसरा जिसके पास ODI में तीन दोहरे शतक हैं। अनुभव खरीदा नहीं जा सकता।”
यह बयान उन लोगों की तरफ भी इशारा था जो कहते हैं कि भारतीय टीम को अब ‘नई दिशा’ और ‘नए चेहरों’ की जरूरत है।
क्यों बिगड़ रहे हैं रिश्ते? क्या BCCI के भीतर सब ठीक नहीं?
क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा तेज है कि BCCI के अंदर सब कुछ उतना सुचारू नहीं है जितना दिखता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक—
- हैड कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे।
- रोहित शर्मा और अजित अग़रकर की बातचीत ऑस्ट्रेलिया में ठंडी पड़ गई।
- रांची ODI के बाद गंभीर–कोहली की ठंडी हैंडशेक की तस्वीरें वायरल हुई थीं।
इसके अलावा, कोहली का विजय हजारे ट्रॉफी खेलने उतरना भी यह संकेत है कि BCCI अब साफ तौर पर यही संदेश दे रहा है—
“ODI खेलना है तो घरेलू क्रिकेट खेलना पड़ेगा।”
यह सोच कई दिग्गजों को पसंद नहीं आ रही।

शास्त्री क्यों नाराज़ हैं?
शास्त्री का मानना है कि—
- विराट और रोहित सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की रीढ़ हैं।
- ऐसे खिलाड़ियों को corner करके कोई फायदा नहीं है।
- उनकी फिटनेस, hunger और experience भारत को World Cup 2027 तक भी खड़ा कर सकता है।
उनका यह भी मानना है कि युवा खिलाड़ियों के आने का मतलब यह नहीं कि दिग्गजों को किनारे लगा दिया जाए।
क्या BCCI शास्त्री की चेतावनी को गंभीरता से लेगा?
जिस अंदाज़ में शास्त्री ने कहा—“Don’t needle them”,
उससे साफ है कि टीम मैनेजमेंट, चयनकर्ता और BCCI के कुछ लोग शायद सीमा लांघ रहे हैं।
यह बयान कई सवालों को जन्म देता है—
- क्या वाकई विराट–रोहित को जानबूझकर दबाव में डाला जा रहा है?
- क्या टीम मैनेजमेंट में एकता की कमी है?
- क्या यह भारतीय क्रिकेट के भीतर चल रही राजनीति की झलक है?
एक बात तय है—
शास्त्री के इस अल्टीमेटम के बाद मामला जल्द शांत होने वाला नहीं।
Ro-Ko फैंस इसे ‘जबरदस्त समर्थन’ के रूप में देख रहे हैं, जबकि आलोचक इसे नई बहस की शुरुआत मान रहे हैं।
