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23 साल साथ रहने के बाद आखिर हुआ प्यार का मिलन—संदीप बसवाना और अश्लेषा सावंत ने रचाई शादी
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ फेम कपल ने वृंदावन में परिवार संग की शांत, पारंपरिक शादी—सोशल मीडिया पर छाई तस्वीरें
टीवी इंडस्ट्री से सोमवार को एक खूबसूरत और दिल छू लेने वाली खबर सामने आई। मशहूर सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से पहचान बनाने वाले अभिनेता संदीप बसवाना और एक्ट्रेस अश्लेषा सावंत ने 23 साल साथ रहने के बाद आखिरकार शादी कर ली। यह शादी 16 नवंबर को वृंदावन के ऐतिहासिक चंद्रोदय मंदिर में बेहद सादगी और पारंपरिक तरीके से संपन्न हुई।
दो दशक से भी ज्यादा समय तक साथ रहने के बाद शादी करना आज की तेज़ रफ्तार दुनिया में किसी फेयरीटेल से कम नहीं लगता। यही वजह है कि कपल की वेडिंग फ़ोटो सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गईं। दोनों ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा—“And just like that, we stepped into a new chapter as Mr & Mrs… We are filled with gratitude for all the blessings.”
तस्वीरों में दिखी प्यार और सादगी की मिसाल
वेडिंग फ़ोटो ने इंटरनेट पर दिल जीत लिया है। अश्लेषा ने हल्की गुलाबी साड़ी, सिंपल गोल्ड ज्वेलरी और क्लासी मेकअप के साथ सुहाग का नया रंग रचा। वहीं संदीप ने मैचिंग पिंक कुर्ता-पायजामा, नेहरू जैकेट और पगड़ी पहनकर अपनी दुल्हन का साथ खूबसूरती से निभाया। दोनों को एक जैसे रंग में ट्विन होते देख फैन्स ने कमेंट्स में लिखा—“यह प्यार का सबसे खूबसूरत रूप है।”
सेलेब फ्रेंड्स ने भी शुभकामनाओं की बौछार कर दी। किश्वर मर्चेंट, अंजुम फ़क़ीह, दिशा परमार, सुप्रिया शुक्ला और पूजा बनर्जी ने कमेंट्स में खुशी जाहिर की। एक फैन ने लिखा—“23 साल इंतज़ार, 1 दिन शादी—और पूरी ज़िंदगी साथ!”
वृंदावन का दिव्य अनुभव बना प्रेरणा
संदीप ने एक इंटरव्यू में बताया कि अप्रैल में दोनों वृंदावन घूमने गए थे और वहां राधा-कृष्ण मंदिरों से जो आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस हुआ, उसने उन्हें शादी के निर्णय तक पहुंचाया।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—“हमारे माता-पिता सबसे ज़्यादा खुश हैं, वो कई सालों से इस पल का इंतज़ार कर रहे थे।”

अश्लेषा ने भी खुशी जताते हुए कहा कि यह फैसला अचानक और पूरी तरह दिल से लिया गया—“हम हमेशा से आत्मिक रूप से जुड़े थे, अब समाज के हिसाब से भी साथ हैं।”
टीवी इंडस्ट्री का सबसे स्थिर रिश्ता
टीवी जगत में जहां अक्सर रिश्ते जल्दी बनते और टूटते दिखाई देते हैं, वहीं संदीप और अश्लेषा ने 2002 से अब तक एक साथ बिना किसी शोर-शराबे के एक-दूसरे को निभाया। दोनों ने कभी समाजिक दबाव में शादी नहीं की—बल्कि अपने करियर, परिवार और जीवन को संतुलित करते हुए रिश्ते को खूबसूरती से जिया।
यह कहानी याद दिलाती है कि प्यार को प्रमाणित करने के लिए कभी जल्दबाज़ी नहीं होती—कभी-कभी समय ही बेस्ट सेलिब्रेशन बन जाता है। जैसे हाल ही में रणदीप हुड्डा और लिन लाशरैम ने भी शांत, पारंपरिक तरीके से मणिपुर में शादी करके चर्चा बटोरी थी।
सोशल मीडिया पर फैन्स अब बस कपल की नई शुरुआत के लिए दुआएं दे रहे हैं। और अगर उनकी तस्वीरें देख लें—तो सिर्फ एक ही शब्द निकलता है—“ब्लेस्ड!”
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