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EXIT POLL 2025 में नीतीश की लहर BJP से आगे निकले ‘सुशासन बाबू’ — बिहार में फिर दिखा जेडीयू का जलवा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के एग्जिट पोल में बड़ा उलटफेर, ज्यादातर सर्वे में नीतीश कुमार की जेडीयू (JDU) BJP से आगे, NDA में ‘बड़े भाई’ की भूमिका तय
बिहार की सियासत में एक बार फिर नीतीश कुमार का जादू चलता हुआ दिख रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि इस बार नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू (JDU) अपने सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से आगे निकल सकती है। अगर यह रुझान नतीजों में भी बरकरार रहा, तो बिहार में नीतीश एक बार फिर ‘बड़े भाई’ की भूमिका में लौट सकते हैं।
मैट्रिज एग्जिट पोल के आंकड़े
मैट्रिज के एग्जिट पोल के मुताबिक जेडीयू को 67 से 75 सीटें मिल सकती हैं, जबकि BJP को 65 से 73 सीटें। यानी इस बार गठबंधन में JDU की स्थिति ज्यादा मजबूत दिख रही है। पिछली बार के चुनाव (2020) में BJP ने 74 सीटें जीती थीं, जबकि जेडीयू को केवल 43 सीटों पर ही सफलता मिली थी। इस बार के रुझान से साफ है कि जनता का भरोसा फिर से नीतीश पर लौटता दिख रहा है।
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महिलाओं की भूमिका बनी गेमचेंजर
इस बार मतदान के दौरान महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘महिलाओं की लहर’ ने नीतीश कुमार को बड़ा फायदा पहुंचाया है। उनके द्वारा शुरू की गई योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री साइकिल योजना, लड़कियों की शिक्षा योजना, और आरक्षण में बढ़ोतरी ने महिलाओं के बीच गहरी पैठ बनाई है। यही वजह है कि कई एग्जिट पोल में महिला वोटरों की झुकाव जेडीयू के पक्ष में बताया गया है।
NDA की बढ़त लेकिन नेतृत्व पर सवाल
लगभग सभी प्रमुख एजेंसियों जैसे चाणक्य स्ट्रैटजीज, डीवी रिसर्च, मैट्रिज, पीपल पल्स, और JVC के एग्जिट पोल बताते हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बहुमत मिलता दिख रहा है।
| एजेंसी | NDA | महागठबंधन | जनसुराज पार्टी | अन्य |
|---|---|---|---|---|
| चाणक्य स्ट्रैटजीज | 130-138 | 100-108 | 0-0 | 3-5 |
| दैनिक भास्कर | 145-160 | 73-91 | 0-3 | 5-7 |
| DV रिसर्च | 137-152 | 83-98 | 2-4 | 1-8 |
| JVC | 135-150 | 88-103 | 0-1 | 3-6 |
| Matrize | 147-167 | 70-90 | 0-2 | 2-8 |
| People Pulse | 133-159 | 75-101 | 0-5 | 2-8 |
| पोल ऑफ पोल्स | 147 | 90 | 1 | 5 |
हालांकि सवाल यह भी उठता है कि अगर एनडीए बहुमत में आता है तो ‘लीडर कौन?’। क्योंकि अगर जेडीयू ज्यादा सीटें जीतती है तो नीतीश कुमार फिर से गठबंधन का चेहरा बन सकते हैं।
BJP के लिए चुनौतीपूर्ण नतीजे
BJP ने इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ा, उतनी ही सीटों पर जेडीयू भी मैदान में थी। पार्टी को उम्मीद थी कि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और केंद्र की योजनाओं से बिहार में फायदा होगा, लेकिन एग्जिट पोल में पार्टी को उम्मीद के अनुसार लाभ नहीं दिखा। हालांकि पार्टी के कई नेताओं का कहना है कि “14 नवंबर को असली फैसला होगा।”
महागठबंधन की हालत पतली
वहीं, महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) को इस बार भी कोई बड़ा फायदा होता नहीं दिख रहा। पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक, उन्हें करीब 90 सीटों पर ही सीमित रहना पड़ सकता है।
तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि “जनता चुप है, लेकिन साथ है। नतीजे आने के बाद सबको झटका लगेगा।”
क्या नीतीश फिर बनेंगे किंगमेकर या खुद किंग?
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एग्जिट पोल के आंकड़े सही निकले तो बिहार में एक बार फिर नीतीश की सियासी चाल सबसे भारी पड़ सकती है।
उनकी रणनीति “सोशल इंजीनियरिंग और महिला सशक्तिकरण” पर आधारित रही है, जिसने ग्रामीण इलाकों में जेडीयू की जड़ें मजबूत की हैं। यही मॉडल उन्हें इस बार ‘किंगमेकर नहीं, बल्कि किंग’ बना सकता है।
14 नवंबर पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर हैं जब मतगणना के नतीजे आएंगे। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं, तो बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार का सूरज चमकता नजर आएगा।
