Tech
iPhone 17 Pro पर ‘Scratchgate’ विवाद पर बोला Apple असली वजह का किया खुलासा
Apple ने कहा कि स्टोर में लगे पुराने MagSafe स्टैंड से हो रही थी खरोंच जैसी निशानियां, फोन की क्वालिटी पर कोई असर नहीं
नए लॉन्च हुए iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max पर हाल ही में सोशल मीडिया पर “Scratchgate” का शोर मच गया। कई रिपोर्ट्स और वीडियो में दावा किया गया कि इन प्रीमियम iPhones पर आसानी से खरोंच आ रही है, खासकर MagSafe कटआउट के पास। लेकिन अब Apple ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए इसे “गलतफहमी” करार दिया है।
और भी पढ़ें : OnePlus और Xiaomi में होने जा रही तगड़ी टक्कर Snapdragon 8 Gen 5 से लैस धांसू फोन जल्द लॉन्च
Apple की सफाई
कंपनी ने टेक पोर्टल 9to5Mac को दिए बयान में कहा कि iPhone 17 Pro डेमो यूनिट्स पर दिख रहे ये निशान असल में स्क्रैच नहीं हैं। ये पुराने और घिस चुके MagSafe स्टैंड से फोन के बैक पैनल पर ट्रांसफर हुआ मैटीरियल है। Apple का कहना है कि इन्हें सामान्य क्लीनिंग से हटाया जा सकता है और इससे फोन की टिकाऊपन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
Bloomberg की रिपोर्ट से शुरू हुआ विवाद
Scratchgate विवाद तब शुरू हुआ जब Bloomberg ने रिपोर्ट किया कि Apple स्टोर्स पर रखे डेमो यूनिट्स पर MagSafe पैनल के पास खरोंच जैसी लाइनों के निशान दिखाई दे रहे हैं। यूज़र्स ने इसे iPhone 17 Pro के टिकाऊपन पर सवाल उठाने का कारण बना लिया।

कैमरा मॉड्यूल पर पेंट चिपिंग की शिकायतें
इतना ही नहीं, कुछ यूज़र्स ने कैमरा प्लेटो के किनारों पर पेंट चिपिंग (रंग उखड़ने) की भी शिकायत की। खासकर iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max पर यह मामला सामने आया। Apple ने कहा कि ये लक्षण वैसे ही हैं जैसे एनोडाइज्ड एल्यूमिनियम से बने अन्य प्रोडक्ट्स जैसे MacBook पर देखने को मिलते हैं। यह समय के साथ “नॉर्मल वियर एंड टियर” का हिस्सा है।
iFixit की जांच
टेक रिपेयर प्लेटफ़ॉर्म iFixit ने iPhone 17 Pro को माइक्रोस्कोपिक टेस्ट में परखा और पाया कि कैमरा आइलैंड पर एनोडाइजेशन प्रोसेस की कई लेयर्स हैं। इनमें से ऊपरी परत में दरार आ सकती है, जिसे “Spalling Effect” कहा जाता है। इसका असर सिर्फ लुक्स पर पड़ता है, लेकिन स्ट्रक्चरल मजबूती बरकरार रहती है।
सिर्फ iPhone 17 Pro नहीं
Apple का कहना है कि यह समस्या सिर्फ iPhone 17 Pro तक सीमित नहीं है। पहले की iPhone 16 सीरीज़ के डेमो यूनिट्स पर भी इसी तरह के निशान देखे गए थे। यानी स्टोर में लंबे समय तक रखे गए डेमो फोन्स पर यह सामान्य है और असल प्रोडक्ट क्वालिटी को प्रभावित नहीं करता।
निष्कर्ष
भले ही “Scratchgate” विवाद ने iPhone 17 Pro को चर्चा में ला दिया हो, लेकिन Apple का दावा है कि ग्राहकों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। असली इस्तेमाल में ये iPhones उतने ही मजबूत हैं जितने कि उनके प्रीवियस मॉडल्स। फिर भी सोशल मीडिया पर फैले वीडियो ने यह ज़रूर साबित कर दिया है कि लोग अब सिर्फ फीचर्स नहीं, बल्कि प्रोडक्ट की टिकाऊपन पर भी उतना ही ध्यान दे रहे हैं।

Pingback: Xiaomi 17 Pro Max और IPhone 17 Pro Max की बड़ी जंग कौन सा फोन है असली फ्लैगशिप किंग - Dainik Diary - Authentic Hindi News