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तेल की जंग या सत्ता का दबाव… ट्रंप ने वेनेजुएला पर क्यों लगाया ‘पूर्ण नाकेबंदी’, जानिए अंदर की कहानी
डोनाल्ड ट्रंप का दावा—“अमेरिका से छीना गया तेल, जमीन और संपत्ति वापस लेने तक नहीं रुकेगा ऑपरेशन”
अमेरिकी राजनीति और वैश्विक कूटनीति में एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला जाने-आने वाले प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर “पूर्ण नाकेबंदी” (Complete Blockade) का आदेश देकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल मचा दी है।
(Donald Trump )
ट्रंप का यह फैसला सिर्फ एक सैन्य या आर्थिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे उनकी सरकार की वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ महीनों से चल रही दबाव रणनीति का सबसे आक्रामक कदम माना जा रहा है।
ट्रंप का बड़ा दावा: “हमारा तेल और जमीन लौटाओ”
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला ने अमेरिका से तेल, जमीन और अन्य संपत्तियां “चुरा ली हैं”, और जब तक ये वापस नहीं की जातीं, तब तक अमेरिकी ऑपरेशन जारी रहेगा।
ट्रंप ने यहां तक लिखा कि
“दक्षिण अमेरिका के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी नौसेना वेनेजुएला को घेर चुकी है… और यह और भी बड़ी होगी।”
इस बयान ने न सिर्फ लैटिन अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में चिंता बढ़ा दी है।
‘ब्लॉकेड’ का असली मतलब क्या है?
इस नाकेबंदी का सीधा असर वे सभी तेल टैंकरों पर पड़ेगा, जो प्रतिबंधों के बावजूद वेनेजुएला से कच्चा तेल ले जा रहे हैं या वहां पहुंचा रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि इन टैंकरों से मिलने वाला पैसा मादुरो सरकार को मजबूत कर रहा है।
(Oil Tanker )

इस कदम से वेनेजुएला की पहले से चरमराती अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ने की आशंका है।
तेल, राजनीति और शक्ति का खेल
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह कार्रवाई सिर्फ नैतिक या कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे ऊर्जा संसाधनों और भू-राजनीतिक प्रभाव की बड़ी लड़ाई है।
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है, और अमेरिका लंबे समय से वहां अपने प्रभाव को फिर से स्थापित करना चाहता है।
मादुरो सरकार पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
पहले से ही आर्थिक प्रतिबंधों, राजनीतिक अलगाव और आंतरिक संकट से जूझ रही मादुरो सरकार के लिए यह नाकेबंदी एक और बड़ा झटका है। हालांकि वेनेजुएला लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है और अमेरिका पर “आर्थिक युद्ध” छेड़ने का आरोप लगाता है।
क्या बढ़ेगा टकराव?
ट्रंप की भाषा और कदमों से यह साफ है कि यह सिर्फ कूटनीतिक चेतावनी नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन भी है। विश्लेषकों को डर है कि अगर हालात और बिगड़े, तो यह टकराव क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह नाकेबंदी वेनेजुएला को झुकने पर मजबूर करेगी या फिर अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में तनाव और बढ़ेगा।
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