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यशस्वी जायसवाल ने फिर रचा इतिहास वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवीं बार 150 पार कर ब्रैडमैन के रिकॉर्ड को दी चुनौती
दिल्ली टेस्ट में यशस्वी जायसवाल का धमाका, सातवां शतक लगाकर पहुंचे 173* रन पर, अब डॉन ब्रैडमैन का रिकॉर्ड टूटने के कगार पर
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शुक्रवार का दिन पूरी तरह यशस्वी जायसवाल के नाम रहा। भारतीय युवा सलामी बल्लेबाज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले के पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने करियर का सातवां शतक जड़ दिया। जायसवाल ने अपनी इस पारी में 253 गेंदों का सामना करते हुए 22 चौके लगाए और 173 रन बनाकर नाबाद लौटे।
यशस्वी जायसवाल का यह प्रदर्शन उनके निरंतर बढ़ते आत्मविश्वास और टेस्ट क्रिकेट में उनकी मैच्योरिटी का सबूत है। उन्होंने एक बार फिर दिखाया कि वह सिर्फ रन बनाने वाले खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिककर टीम को मजबूत स्थिति में लाने वाले बल्लेबाज हैं।
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निशाने पर ब्रैडमैन का बड़ा रिकॉर्ड
24 साल से कम उम्र में पांच बार 150+ रन का आंकड़ा पार करने वाले जायसवाल अब सर डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए हैं। ब्रैडमैन ने 24 वर्ष की आयु तक आठ बार 150 या उससे अधिक रन बनाए थे। यशस्वी अब तक सात शतक जड़ चुके हैं, जिनमें पांच बार उन्होंने 150 से ऊपर का स्कोर किया है।
यदि जायसवाल आगामी कुछ पारियों में चार बार और ऐसा कर पाते हैं, तो वह ब्रैडमैन को पीछे छोड़ देंगे — यह अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी तकनीक और धैर्य उन्हें इस मुकाम तक पहुंचा सकते हैं।
पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा था कि “यशस्वी की बल्लेबाजी में जुनून और क्लास दोनों झलकते हैं। वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य का चेहरा हैं।”
डेब्यू के बाद से शानदार फॉर्म
जायसवाल ने जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक वह लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके डेब्यू के बाद से भारत के ओपनर्स में उन्होंने सबसे अधिक शतक जड़े हैं।
तुलनात्मक रूप से देखें तो इंग्लैंड के बेन डकेट ने भी इसी अवधि में चार शतक लगाए हैं। यह दिखाता है कि जायसवाल किस निरंतरता और फॉर्म में हैं। वह हर मैच के साथ खुद को और मजबूत साबित कर रहे हैं।
दिल्ली टेस्ट का हाल
भारत ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक 2 विकेट पर 318 रन बनाए। जायसवाल 173 रन पर नाबाद रहे जबकि कप्तान शुभमन गिल 20 रन बनाकर उनके साथ क्रीज पर डटे हुए हैं।

टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़े। राहुल 38 रन बनाकर आउट हुए।
इसके बाद तीसरे नंबर पर आए साई सुदर्शन ने अपने करियर की सबसे परिपक्व पारी खेलते हुए 87 रन बनाए। उन्होंने जायसवाल के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 193 रन की साझेदारी की और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की ओर से केवल जोमेल वार्रिकन को सफलता मिली, जिन्होंने दोनों विकेट झटके।
जायसवाल की बल्लेबाजी की खासियत
यशस्वी जायसवाल अपनी बड़ी पारियों के लिए जाने जाते हैं। उनका फुटवर्क, समय पर शॉट चयन और मानसिक मजबूती उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाते हैं। वह परिस्थिति के हिसाब से खुद को ढालने में माहिर हैं — चाहे वह तेज गेंदबाज हों या स्पिनर।
पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़, जो इस समय टीम इंडिया के हेड कोच हैं, ने जायसवाल के बारे में कहा था, “उनका एप्रोच बहुत साफ है। वे हर मैच को एक नया अवसर मानते हैं।”
भारत की स्थिति और आगे की उम्मीदें
पहले दिन का खेल भारत के पक्ष में पूरी तरह रहा। दूसरे दिन टीम इंडिया की कोशिश होगी कि जायसवाल अपने दोहरे शतक की ओर बढ़ें और टीम का स्कोर 500 के पार पहुंचे। शुभमन गिल भी स्थिर दिखाई दे रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि भारत का टॉप ऑर्डर इस टेस्ट में वेस्टइंडीज पर दबाव बनाए रखेगा।
वेस्टइंडीज की टीम को वापसी करने के लिए शुरुआती झटके देने होंगे, वरना मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर झुक सकता है।

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