Politics
बंगाल चुनावों की सबसे बड़ी हलचल… 95,000 बूथ, लाखों EVM और SIR ऑन! EC टीम ने क्यों बढ़ा दी तैयारी?
अप्रैल–मई 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में EVM व VVPAT की पहली बड़ी चेकिंग 21 नवंबर से शुरू
पश्चिम बंगाल में अप्रैल–मई 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों की सरगर्मियाँ अब तेज़ हो चुकी हैं। राज्य में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान के बीच Election Commission of India की एक विशेष टीम चुनावी तैयारियों की जमीनी समीक्षा कर रही है।
चार सदस्यीय यह टीम, जिसे नेतृत्व दे रहे हैं Deputy Election Commissioner Gyanesh Bharti, बीते कुछ दिनों से राज्य के कई जिलों का दौरा कर रही है। टीम 21 नवंबर से Electronic Voting Machines (EVMs) और VVPAT machines की पहली चरण की जाँच शुरू करने जा रही है — यह वही प्रक्रिया है जिसका इंतज़ार सभी राजनीतिक दल लंबे समय से कर रहे थे।
■ 95,000 बूथ, लाखों मशीनें — अब तक का सबसे बड़ा सेटअप
West Bengal में इस बार चुनाव जैसी चुनौती पहले कभी नहीं दिखी। राज्य में पहले से मौजूद 80,681 बूथों की संख्या बढ़ाकर लगभग 95,000 कर दी जाएगी।
एक वरिष्ठ EC अधिकारी के अनुसार:
- 1.30 लाख बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट्स की ज़रूरत होगी
- 1.25 लाख से अधिक VVPAT मशीनें लगाई जाएँगी
इन सभी मशीनों को 15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच चरणबद्ध तरीके से बंगाल पहुंचा दिया गया था। अब 21 नवंबर से उनकी विस्तृत जाँच और FLC (First Level Checking) की शुरुआत होगी।

और भी पढ़ें: सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के घावों पर नमक छिड़का, कहा- “भारत-पाकिस्तान को अब राइवलरी कहना बंद करो”
■ जिले–जिले जाकर EC टीम की समीक्षा
EC टीम ने बुधवार को Nadia का दौरा किया, जहाँ उन्होंने SIR की प्रगति की समीक्षा की और ज़िला प्रशासन को 26 नवंबर तक सभी SIR रेकॉर्ड्स के डिजिटाइजेशन का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
राज्य के Chief Electoral Officer Manoj Agarwal के अनुसार:
- 7.66 करोड़ में से 7.64 करोड़ Enumeration Forms वितरित किए जा चुके हैं
- यह 99.72% वितरण है — जो किसी भी राज्य के लिए बेहद उल्लेखनीय है
- अभी तक 1.48 करोड़ फॉर्म्स का डिजिटाइजेशन हो चुका है
नादिया में हुई समीक्षा बैठक में जिला मजिस्ट्रेट Aneesh Dasgupta, ADM, EROs, SDOs और 18 BDO भी मौजूद रहे। बैठकों में खासतौर पर उन समस्याओं पर चर्चा हुई, जिनका सामना BLOs को फील्ड में करना पड़ रहा है, जैसे—मतदाताओं का पता लगाना, तस्वीरें अपडेट करना आदि।
नादिया के बाद टीम Murshidabad पहुँची, जहाँ शाम तक दूसरी समीक्षा बैठक चली। गुरुवार को टीम Malda और मुर्शिदाबाद के SIR रिकॉर्ड्स की दोबारा जाँच करेगी।
■ 21 नवंबर: सभी DM के साथ बड़ी बैठक
EC टीम 21 नवंबर को Kolkata लौटकर सभी ज़िलाधिकारियों के साथ बैठक करेगी और FLC वर्कशॉप में भी शामिल होगी।
यह इस महीने EC टीम का दूसरा बंगाल दौरा है, जो यह संकेत देता है कि चुनाव आयोग राज्य चुनाव को लेकर पहले से कहीं अधिक सतर्क है।

और भी पढ़ें : Ashnoor Kaur Net Worth 2025 — करियर, सैलरी, जीवनी और अन्य महत्वपूर्ण बातें
■ “साफ-सुथरे चुनाव के लिए मेहनत जारी” – EC अधिकारी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“चुनाव एक बड़ा अभ्यास है। मशीनों की जाँच, प्रशिक्षण और मॉक-पोल—इन सबमें पारदर्शिता ही हमारी प्राथमिकता है। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को FLC के दौरान मौजूद रहना होगा।”
बंगाल की राजनीति में मतदाता सूची और EVM पर बहस हमेशा चर्चा में रहती है। इस बार EC की निगरानी और दोहरी-स्तर की चेकिंग यह संदेश दे रही है कि आयोग किसी भी विवाद की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहता।
■ आगामी महीनों में क्या होगा?
- दिसंबर–जनवरी: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
- फरवरी–मार्च: बूथ पुनर्संरचना और मॉक पोल
- अप्रैल–मई 2026: विधानसभा चुनाव
राजनीतिक पार्टियाँ पहले से ही रणनीतियों में जुट चुकी हैं। बढ़ती बूथ संख्या, डिजिटल SIR प्रक्रिया और लाखों उपकरणों के साथ यह चुनाव बंगाल के लिए अब तक की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती बनने जा रहा है।
