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विराट कोहली ने गौतम गंभीर को ही नहीं, बल्कि शुक्री कॉनराड को भी किया नजरअंदाज—क्लिप वायरल
रांची ODI के बाद विराट कोहली का शुक्री कॉनराड को ठंडा रवैया दिखाना चर्चा में—‘Grovel’ विवाद की कड़वाहट अब भी बाकी?
रांची में भारत की जीत के बाद जो घटना कैमरों में कैद हुई, उसने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है।
एक वायरल वीडियो में विराट कोहली को दक्षिण अफ्रीका के हेड कोच शुक्री कॉनराड के बिल्कुल पास से गुजरते हुए देखा गया, बिना किसी हैलो, हैंडशेक या सिर हिलाए।
यह उतना ही सीधा और ठंडा रिएक्शन था—मानो सामने कोई था ही नहीं।
कई लोग इसे सिर्फ एक “अनजाने में हुई घटना” बताते रहे, लेकिन जिस कॉनटेक्स्ट में यह हुआ, उसे देख कर साफ लग रहा है कि मामला इससे कहीं बड़ा है।
‘ग्रोवल’ विवाद—पिछले महीने की चुभन अब भी ज़िंदा?
गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन के बाद, SA हेड कोच शुक्री कॉनराड ने कहा था:

“We really wanted them to grovel.”
क्रिकेट संदर्भ में “grovel” शब्द बेहद संवेदनशील माना जाता है।
इतिहास में इसका नस्लीय और अपमानजनक झुकाव देखा गया है, खासकर दक्षिण अफ्रीका-ब्रिटेन क्रिकेट इतिहास में।
उनके बयान ने कई भारतीय दिग्गजों को नाराज़ कर दिया:
यहाँ तक कि सुनील गावस्कर ने इसे “गलत और माफी योग्य बयान” बताया।
जब कप्तान टेंबा बावुमा से इस पर पूछा गया तो उन्होंने जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत के पुराने ‘बौना’ विवाद की याद दिला दी—संकेत साफ था, “लाइन क्रॉस हुई है।”
ऐसे माहौल में कोहली का व्यवहार अचानक काफी अर्थपूर्ण लगता है।
कोहली क्यों नाराज़ हो सकते हैं?
तीन बड़े कारण सामने आ रहे हैं:
1. ग्रोवल टिप्पणी का प्रभाव
कोहली भले ही उस टेस्ट सीरीज़ का हिस्सा नहीं थे, लेकिन वे भारतीय टीम के हर विवाद पर नज़र रखते हैं।
कई पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि यह बयान भारतीय खिलाड़ियों पर अप्रत्यक्ष हमला था—और कोहली ऐसे बयानों के खिलाफ खुलकर खड़े होने के लिए जाने जाते हैं।
2. सम्मान का मुद्दा
कोहली ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैदान पर सम्मान और आक्रमकता, दोनों को संतुलित तरीके से रखते हैं।
ऐसे में “ग्रोवल” जैसा शब्द शायद उनकी सीमा के बाहर था।
3. दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ की घटनाएँ
भारत की पिछली सीरीज़ में:
- अंपायरिंग विवाद
- ड्रेसिंग रूम तनाव
- मीडिया पर टिप्पणियाँ
इन सबके बाद इंडो-SA रिश्ते पहले से अधिक संवेदनशील हो चुके हैं।
गौतम गंभीर—पहले भी कोहली ने किया था ‘इग्नोर’
कुछ दिन पहले, एक और क्लिप में कोहली को भारतीय कोच गौतम गंभीर को भी नजरअंदाज करते हुए देखा गया था।
कई फैन्स ने इसे दोनों के पुराने IPL टकराव से जोड़कर देखा।
हालांकि, कोहली या गंभीर ने इस पर कुछ नहीं कहा, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस तेज़ हो गई:
- क्या कोहली गंभीर के अप्रोच से खुश नहीं हैं?
- क्या टेस्ट टीम की हार का असर खिलाड़ी-कोच रिश्तों पर पड़ा है?
- क्या यह सिर्फ कैमरा एंगल का खेल था?
लेकिन अब जब कॉनराड के साथ भी वही हुआ, तो सवाल और गहरे हो गए हैं।
वीडियो में क्या दिखा?
वायरल क्लिप में:
- भारतीय खिलाड़ी एक-एक कर SA स्टाफ से हाथ मिला रहे थे
- कोहली ने सीढ़ियाँ चढ़ते हुए एक नज़र तक नहीं डाली
- कॉनराड उनके ठीक दाईं ओर खड़े थे
- कोहली सीधे ऊपर चले गए—जैसे सामने कोई था ही नहीं
क्लिप पर हजारों कमेंट आए:
“Kohli never forgets.”
“That grovel remark was bound to backfire.”
“Respect must be mutual.”

कोहली ऐसा क्यों नहीं भूलते?
कोहली का इतिहास बताता है:
- वे मैदान पर बयान, व्यवहार और शब्दों को हल्के में नहीं लेते
- विरोधियों को जवाब मैदान पर और व्यवहार से देते हैं
- अनादर को कभी बर्दाश्त नहीं करते—चाहे वह उनके लिए हो या उनकी टीम के लिए
IPL के दौरान गंभीर के साथ टकराव,
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्टम्प-माइक कॉन्ट्रोवर्सी,
या जेम्स एंडरसन–कोहली द्वंद्व,
हर बार कोहली का रवैया यही रहा है—सीधा और बिना घुमावदार।
निष्कर्ष — क्या यह विवाद आगे बढ़ेगा?
संभावना है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट इसे “नॉर्मल मैच-डे मूमेंट” बताए।
लेकिन फैन्स, एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया इसे यूं ही जाने देने के मूड में नहीं हैं।
क्योंकि:
- “ग्रोवल” जैसा शब्द भारतीय क्रिकेट में संवेदनशील है
- कोहली का व्यवहार कभी बिना वजह नहीं होता
- दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के तनाव अब भी ताज़ा हैं
अगले मैच में दोनों पक्षों का व्यवहार और बयानबाजी इस कहानी की अगली कड़ी तय करेंगे।
