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Kohli–Rohit की चमक से दूर भी Selection की जंग, Vijay Hazare Trophy में Shaw, Sarfaraz, Pant और Rinku ने दिलाई याद
ODI वापसी की सुर्खियों के बीच कई नाम quietly कर रहे हैं मजबूत दावा
जब भी Virat Kohli और Rohit Sharma मैदान पर उतरते हैं, सुर्खियाँ अपने-आप उन्हीं के नाम हो जाती हैं। Vijay Hazare Trophy में भी यही देखने को मिला। दोनों दिग्गजों की वापसी ने टूर्नामेंट में जान फूंक दी, लेकिन इसी चमक-दमक के बीच कई खिलाड़ी ऐसे भी रहे, जिन्होंने दमदार प्रदर्शन कर selectors को याद दिलाया कि वे भी इसी टूर्नामेंट में खेल रहे हैं।
BCCI का फोकस इस साल ज़्यादा T20Is पर रहा है, जबकि Tests अभी बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में Kohli और Rohit के ODI मैच सीमित रहे, जिससे Vijay Hazare Trophy में उनकी मौजूदगी और खास बन गई।
अपने पहले मैच में Rohit ने Mumbai के लिए Sikkim के खिलाफ 94 गेंदों में 155 रन ठोक दिए, जबकि Kohli ने Delhi की ओर से Andhra Pradesh के खिलाफ 101 गेंदों में 131 रन बनाकर मैच 37.4 ओवर में खत्म कर दिया।

हालांकि अगले मैच में Rohit golden duck पर आउट हो गए, वहीं Kohli ने अपनी शानदार लय बरकरार रखते हुए 61 गेंदों पर 77 रन जड़ दिए। इन पारियों ने बाकी सभी प्रदर्शनों को लगभग ओझल कर दिया।
ये खिलाड़ी भी कर रहे हैं ज़ोरदार दावा
1. Devdutt Padikkal
जब Kohli और Rohit शतक लगा रहे थे, उसी दौर में Devdutt Padikkal ने एक ऐतिहासिक रन-चेज़ की नींव रखी। 413 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने 118 गेंदों में 147 रन बनाए। इसके बाद Kerala के खिलाफ भी शतक लगाया, लेकिन चर्चा फिर भी सीमित रही।
2. Rinku Singh
Rinku Singh पहले ही T20 World Cup squad में जगह बना चुके हैं, और Vijay Hazare Trophy में भी उन्होंने खुद को साबित किया।
Uttar Pradesh के लिए उन्होंने पहले मैच में 48 गेंदों में 67 रन, फिर अगले मुकाबले में 56 गेंदों में 106 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 4 छक्के शामिल थे। बावजूद इसके, सुर्खियाँ कहीं और रहीं।
3. Rishabh Pant
Rishabh Pant की शुरुआत Andhra के खिलाफ फीकी रही और वह सिर्फ 5 रन बना सके। लेकिन Gujarat के खिलाफ उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 70 रन की पारी खेली।
फिर भी, उसी मैच में Kohli के 77 रन उनकी पारी पर भारी पड़ गए। Pant एक बार फिर Kohli की परछाईं में रह गए—इस बार घरेलू क्रिकेट में।

4. Prithvi Shaw
अगर कोई बल्लेबाज़ selectors का ध्यान दोबारा खींचना चाहता है, तो वह हैं Prithvi Shaw। टीम इंडिया की रेस में पीछे चल रहे Shaw को इस टूर्नामेंट में कुछ अहम पारियाँ खेलने की ज़रूरत थी।
उन्होंने Punjab के खिलाफ 39 गेंदों में 46 रन और Sikkim के खिलाफ 47 गेंदों में 51 रन बनाए। उपयोगी पारियाँ थीं, लेकिन Kohli-Rohit के दौर में ये आंकड़े headline-grabber नहीं बन सके।
5. Khan Brothers – Sarfaraz और Musheer
Rohit का Uttarakhand के खिलाफ golden duck ज़्यादा चर्चा में रहा, लेकिन उसी मैच में Sarfaraz Khan और Musheer Khan ने 55-55 रन की मजबूत पारियाँ खेलीं।
फिर भी, इन योगदानों पर ज्यादा बात नहीं हुई। यह घरेलू क्रिकेट की वही सच्चाई है—जब superstars खेल रहे हों, तो बाकी खिलाड़ियों को सुर्खियों में आने के लिए कुछ extraordinary करना पड़ता है।
Domestic cricket में भी कहानियाँ ज़िंदा हैं
Vijay Hazare Trophy एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि यह सिर्फ बड़े नामों का मंच नहीं है। Kohli और Rohit भले ही headlines बटोर रहे हों, लेकिन Padikkal, Rinku, Pant, Shaw और Khan brothers जैसे खिलाड़ी quietly selectors और फैंस को याद दिला रहे हैं कि Indian domestic cricket में talent की कोई कमी नहीं।
