Connect with us

Accidents

तमिलनाडु के तेनकासी में दो बसों की भीषण टक्कर, 6 की मौत, 20 से ज्यादा घायल

आचमपट्टी सिग्नल के पास हुआ दर्दनाक हादसा, घायलों को एम्बुलेंस और निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया

Published

on

Tenkasi Bus Accident: 6 Dead, Over 20 Injured in Tamil Nadu Collision
“तेनाकसी में आमने–सामने भिड़ीं दो निजी बसें, मौके पर बिखरे ज़ख्म और अफरा-तफरी”

सोमवार सुबह तमिलनाडु के तेनकासी ज़िले में ऐसा मंजर दिखा, जिसने राहगीरों और स्थानीय लोगों को दहला दिया। तेनकासी–कडैयानल्लूर हाईवे पर दो प्राइवेट बसों की आमने–सामने भिड़ंत में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा सुबह करीब 10:50 बजे आचमपट्टी सिग्नल के पास हुआ, जो इलाथूर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज़ थी कि दोनों बसों के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों की चीखें सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को बाहर निकालने में पुलिस व राहत कर्मियों की सहायता की। कई यात्रियों को सीटों और लोहे के ढांचे को काटकर बाहर निकाला गया।

पुलिस के अनुसार, ‘एम. आर. गोपालन’ नाम की निजी बस सेंगोट्टई से कोविलपट्टी जा रही थी, वहीं दूसरी ‘केसर’ बस श्रीविल्लिपुथुर की तरफ से आ रही थी। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग की संभावना जताई जा रही है, हालांकि सही वजह मेडिकल और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

108 एम्बुलेंस और स्थानीय लोग बने जीवनरक्षक

घटना के तुरंत बाद राज्य की सभी उपलब्ध 108 एम्बुलेंस को मौके पर तैनात किया गया। स्थिति की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने निजी वाहनों की भी मदद ली। कई बाइक सवार और कार ड्राइवर घायल यात्रियों को अस्पताल ले जाते दिखे—यह दृश्य बताता है कि मुश्किल समय में इंसानियत सबसे पहले खड़ी होती है।

तेनाकसी सरकारी अस्पताल और कडैयानल्लूर के निजी अस्पतालों में आपातकालीन प्रबंधन बढ़ाया गया है। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि कई यात्रियों को सिर, रीढ़ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं।

thenkasi accident jpg


सड़क सुरक्षा पर फिर उठा सवाल

तमिलनाडु देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। कुछ महीने पहले ही वेल्लोर जिले में एक बस–ट्रक टक्कर में 4 लोगों की मौत हुई थी। फिर भी हाईवे पर स्पीड मॉनिटरिंग, सिग्नल मैनेजमेंट और वाहन फिटनेस को लेकर सवाल जस के तस हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि आचमपट्टी सिग्नल के पास सड़क संकरी हो जाती है और कई बार वाहन अचानक लेन बदलते हैं। कई बार पहले भी यहां छोटे हादसे हुए हैं, लेकिन बड़ा हादसा टालने के लिए स्थायी कदम अब तक नहीं उठाए गए।

परिजनों में कोहराम, प्रशासन अलर्ट

घायलों में छात्र, नौकरीपेशा यात्री, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल बताए जा रहे हैं। कई यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है, और पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर परिजनों से संपर्क करने की अपील की है।

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं, वहीं पुलिस ने दोनों बस ड्राइवरों के ब्लड सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है।

सड़कें लंबी हैं, लेकिन सावधानी ही सुरक्षा है

यह हादसा फिर याद दिलाता है कि सड़कें सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी भी हैं—चाहे ड्राइवर हो, यात्री या प्रशासन। सीट बेल्ट, सीमित रफ्तार और ट्रैफिक नियमों का पालन कई जिंदगियां बचा सकता है।

तेनाकसी की यह सुबह हमेशा के लिए कुछ परिवारों की ज़िंदगी बदल गई। उम्मीद है कि घायलों की हालत जल्द सुधरे और प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

अधिक अपडेट के लिए DAINIK DIARY