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इंडियन फुटबॉल में हलचल मोहन बागान ने ईरान जाने से किया इंकार ACL 2 मैच से टीम बाहर
छह विदेशी खिलाड़ियों ने सुरक्षा कारणों से यात्रा से किया मना क्लब ने CAS का रुख किया
भारतीय फुटबॉल के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित क्लबों में से एक मोहन बागान सुपर जायंट ने एएफसी चैंपियंस लीग 2 (AFC Champions League 2) के अपने अहम मुकाबले से खुद को बाहर कर लिया है। यह मैच 30 सितंबर को ईरान के सेपाहान एससी के खिलाफ खेला जाना था।
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विदेशी खिलाड़ियों ने जताई चिंता
टीम के छह विदेशी खिलाड़ी—दिमित्री पेत्राटोस (ऑस्ट्रेलिया), जेमी मैक्लारेन (ऑस्ट्रेलिया), जेसन कमिंग्स (ऑस्ट्रेलिया), टॉम ऑल्ड्रेड (यूके), अल्बर्टो रोड्रिगेज (स्पेन) और रॉब्सन रोबिन्हो (ब्राजील)—ने यात्रा से साफ इंकार कर दिया। इन सभी खिलाड़ियों के अपने-अपने देशों से मिले यात्रा परामर्श (Travel Advisory) ने सुरक्षा को लेकर और भी संदेह खड़ा कर दिया।
सामूहिक बैठक में लिया गया फैसला
क्लब के एक अधिकारी ने बताया कि खिलाड़ियों और भारतीय स्टाफ की संयुक्त बैठक के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि टीम ईरान यात्रा नहीं करेगी। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस बारे में कई बार एएफसी और एआईएफएफ से संपर्क किया, लेकिन खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
CAS में दायर की याचिका
टीम प्रबंधन ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) का दरवाज़ा खटखटाया है ताकि क्लब के हित सुरक्षित रह सकें। क्लब ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर भी लिखा, “MBSG अपने खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षा व भलाई को प्राथमिकता देता है। सरकार की एडवाइजरी और संभावित जोखिमों को देखते हुए हमने CAS का रुख किया है।”
भारी सज़ा का खतरा
फुटबॉल पंडितों का मानना है कि इस निर्णय से मोहन बागान और भारतीय क्लबों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। एएफसी अगर इस फैसले को नियमों का उल्लंघन मानता है तो टीम पर भारी जुर्माना लग सकता है और भविष्य में एएफसी टूर्नामेंट्स में भारतीय क्लबों की भागीदारी भी खतरे में पड़ सकती है।
पिछला अनुभव भी रहा विवादों में
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब मोहन बागान ने ईरान यात्रा से इंकार किया हो। पिछले साल भी क्लब ने राजनीतिक तनाव के चलते ट्रैक्टर एससी के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया था। उस समय एएफसी ने सीधे तौर पर उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था।
आगे क्या
मोहन बागान का अगला मैच 21 अक्टूबर को अल हुसैन (जॉर्डन) के खिलाफ है। अब देखने वाली बात होगी कि एएफसी इस ताज़ा विवाद पर क्या रुख अपनाता है और भारतीय फुटबॉल को इससे किस तरह के परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि खिलाड़ी सुरक्षा और खेल की गरिमा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। फिलहाल, फैंस इस फैसले से निराश हैं क्योंकि यह मैच टीम की वापसी के लिए अहम माना जा रहा था।

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