Connect with us

Crime

Meerut Blue Drum Case: आरोपी मुस्कान रस्तोगी ने जेल से अस्पताल पहुंचकर बच्चे को जन्म दिया, सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ी

सौरभ राजपूत हत्याकांड की चर्चित आरोपी मुस्कान रस्तोगी ने डिलीवरी के दौरान अस्पताल में पैदा किया बच्चा, पुलिस ने अस्पताल को बनाया किले जैसी सुरक्षा

Published

on

Meerut Blue Drum Case: आरोपी मुस्कान रस्तोगी ने बच्चे को जन्म दिया, अस्पताल में सुरक्षा कड़ी
अस्पताल में सुरक्षा घेरे के बीच मुस्कान रस्तोगी की डिलीवरी, पुलिस रही अलर्ट

मेरठ के बहुचर्चित ब्लू ड्रम मर्डर केस में आरोपी मुस्कान रस्तोगी ने सोमवार को बच्चे को जन्म दिया। रविवार देर रात उसे अचानक तेज पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों को आशंका थी कि किसी भी समय प्रसव हो सकता है, इसलिए तत्काल मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई गई।

सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैल गई, और कई यूज़र्स इस बात पर चर्चा करते दिखे कि इस बच्चे का भविष्य कैसा होगा। एक स्थानीय पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लिखा:

“ब्लू ड्रम मर्डर केस की आरोपी मुस्कान ने बच्चे को जन्म दिया, क्या इस नए जन्मे बच्चे की ज़िंदगी भी अंधेरे में जाएगी?”

डॉक्टरों के अनुसार मुस्कान की हालत स्थिर है और मेडिकल टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। पुलिस ने अस्पताल में भारी सुरक्षा तैनात कर दी है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या मीडिया भीड़ से बचा जा सके। पुलिसकर्मियों को वार्ड के बाहर और अंदर दोनों जगह तैनात किया गया है।


क्या है ब्लू ड्रम मर्डर केस?

यह मामला 3 मार्च को सामने आया था जब मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल पर आरोप लगा कि उन्होंने मुस्कान के पति सौरभ की हत्या की, उसके शरीर के टुकड़े किए, उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर उसमें सीमेंट डाल दिया।
इतना ही नहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक साहिल allegedly सौरभ का कटा हुआ सिर अपने घर ले गया ताकि कथित तौर पर उस पर काला जादू किया जा सके।

हत्या के बाद यह जोड़ा शिमला घूमने भी गया और 17 मार्च को वापस लौटा। बाद में मुस्कान ने यह रहस्य अपनी मां से साझा किया, जिसने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

14 04 2025 muskan 23918300 104125594

परिवार पर पड़ा असर

रिपोर्ट्स के मुताबिक मुस्कान के परिवार ने समाज में बदनामी और लगातार आलोचना के कारण अपना घर बेचने का फैसला किया है। परिवार पूरी तरह टूट चुका है और खुद को समाज से अलग महसूस कर रहा है।


नया उदाहरण (7th Instruction के अनुसार)

इससे मिलते-जुलते एक मामले में 2022 में श्रद्धा वालकर हत्या केस में भी आरोपी और पीड़ित की चर्चा के बीच परिवारों पर गहरा सामाजिक दबाव देखा गया था। उस मामले में भी परिवार मीडिया ट्रायल और सामाजिक आलोचना का सामना नहीं कर पाया था।


फिलहाल पुलिस मुस्कान और उसके नवजात बच्चे की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दे रही है। अब देखना यह है कि आगे अदालत इस मामले में क्या दिशा तय करती है और बच्चे की परवरिश कैसे होगी।

अधिक अपडेट के लिए DAINIK DIARY

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *