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Lunar Eclipse 2025 चंद्रग्रहण पर फैली अंधविश्वास की धुंध सच और झूठ का पूरा सच
7-8 सितंबर को दिखने वाला चंद्रग्रहण भारत सहित दुनिया के बड़े हिस्से से देखा जा सकेगा, लेकिन इसके साथ जुड़ी कई गलत धारणाओं को जानना जरूरी है।
आसमान में जब लालिमा लिए पूरा चांद धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया में डूबता है तो यह दृश्य किसी जादुई पल से कम नहीं लगता। Lunar Eclipse 2025 यानी 7 और 8 सितंबर की रात को लगने वाला चंद्रग्रहण ऐसा ही नजारा लेकर आ रहा है। भारत समेत दुनिया की लगभग 85% आबादी इसे देख सकेगी।
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वैज्ञानिकों के मुताबिक यह खगोलीय घटना पूरी तरह सुरक्षित है और इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है। लेकिन चंद्रग्रहण को लेकर भारत सहित कई देशों में आज भी तरह-तरह के अंधविश्वास फैले हुए हैं। आइए जानते हैं कि इनमें से कौन-सी बातें सच हैं और कौन-सी सिर्फ मिथक।
चंद्रग्रहण का वैज्ञानिक सच
जब पृथ्वी सूर्य और चांद के बीच आ जाती है और उसकी छाया चांद पर पड़ती है, तब चंद्रग्रहण होता है। इस बार का पूर्ण चंद्रग्रहण लगभग 82 मिनट तक रहेगा और इसकी अधिकतम अवस्था रात 11:41 बजे होगी। इस दौरान चांद गहरे लाल रंग का हो जाएगा, जिसे लोग Blood Moon कहते हैं।
चंद्रग्रहण से जुड़े आम मिथक और सच
1. चंद्रग्रहण में खाना नहीं खाना चाहिए
भारत में यह धारणा काफी प्रचलित है कि चंद्रग्रहण के दौरान खाना खाने से बीमारियां फैल सकती हैं। हालांकि वैज्ञानिक बताते हैं कि इसका कोई आधार नहीं है। चंद्रग्रहण का भोजन की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ता।
2. चंद्रग्रहण में पकाया गया खाना विषैला हो जाता है
यह भी पूरी तरह से झूठ है। ISRO और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों के अनुसार ग्रहण का विकिरण भोजन को प्रभावित नहीं करता।
3. गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए
कई लोग मानते हैं कि गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण देखने से शिशु पर असर पड़ता है। लेकिन NASA समेत कई वैज्ञानिक संगठनों ने साफ किया है कि चंद्रग्रहण का इंसानी स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
4. चंद्रग्रहण से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है
कुछ लोग मानते हैं कि ग्रहण से उदासी, चिड़चिड़ापन और अवसाद बढ़ता है। लेकिन मेडिकल साइंस के मुताबिक यह पूरी तरह एक भ्रम है। मानसिक स्वास्थ्य का चंद्रग्रहण से कोई लेना-देना नहीं।
5. व्यायाम करना अशुभ होता है
कई बार कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान व्यायाम या शारीरिक गतिविधि नहीं करनी चाहिए। यह भी एक अंधविश्वास है। सुरक्षित ढंग से किया गया व्यायाम बिल्कुल सामान्य है।
धार्मिक मान्यता और परंपराएं
भारतीय संस्कृति में चंद्रग्रहण को कई धार्मिक मान्यताओं से जोड़ा गया है। कई लोग इस दौरान स्नान, ध्यान या मंत्र जाप करते हैं। वहीं, कुछ लोग व्रत भी रखते हैं। हालांकि ये परंपराएं वैज्ञानिक कारणों से नहीं बल्कि आस्था से जुड़ी हैं।
कब और कैसे देखें चंद्रग्रहण 2025
- 8:58 PM (7 सितंबर): पेनुम्ब्रल ग्रहण शुरू
- 9:57 PM (7 सितंबर): आंशिक ग्रहण शुरू
- 11:00 PM (7 सितंबर): पूर्ण ग्रहण शुरू
- 11:41 PM (7 सितंबर): अधिकतम ग्रहण
- 12:22 AM (8 सितंबर): पूर्ण ग्रहण समाप्त
- 1:26 AM (8 सितंबर): आंशिक ग्रहण समाप्त
- 2:25 AM (8 सितंबर): पेनुम्ब्रल ग्रहण समाप्त
इस दौरान आप नंगी आंखों से आसमान की ओर देख सकते हैं। किसी तरह के चश्मे या सुरक्षा उपकरण की जरूरत नहीं है।
निष्कर्ष
Lunar Eclipse 2025 सिर्फ एक खगोलीय घटना है, जिसका मानव जीवन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। इसलिए इस अद्भुत नजारे का आनंद लें और अंधविश्वासों से दूर रहें।
