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Hong Kong Fire Tragedy: सदियों पुरानी ‘बांस स्कैफोल्डिंग’ पर उठा सवाल — क्या अब खत्म होगी यह परंपरा?
ताइ पो जिले की घातक आग के बाद Hong Kong की पारंपरिक बांस स्कैफोल्डिंग तकनीक पर छिड़ी बहस—सुरक्षा, नियम और भविष्य पर बड़ा सवाल।
हांगकांग में बुधवार को लगी भीषण आग ने न सिर्फ शहर को दहला दिया, बल्कि एक ऐसी परंपरा को भी सवालों के घेरे में ला दिया जो सदियों से इस शहर की पहचान रही है—बांस की स्कैफोल्डिंग।
ताइ पो डिस्ट्रिक्ट के जिस आवासीय कॉम्प्लेक्स में आग लगी, वह पूरा का पूरा बांस की घेराबंदी और सुरक्षा नेटों से ढका हुआ था। कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि सात इमारतें धुएँ और लपटों में समा गईं। यह हादसा हांगकांग के पिछले कई दशकों में सबसे घातक बताया जा रहा है।
बांस स्कैफोल्डिंग: 2,000 साल पुरानी तकनीक, लेकिन आधुनिक जोखिम
बांस स्कैफोल्डिंग की जड़ें Han Dynasty (करीब 2,000 वर्ष पहले) तक जाती हैं। आज हांगकांग की लगभग हर गली में आपको इमारतें बांस से घिरी दिख जाएंगी—यह शहर की एक दृश्य पहचान बन चुकी है।
यह तकनीक इतनी कारगर मानी गई कि Norman Foster द्वारा बनाए गए HSBC हेडक्वार्टर जैसे प्रतिष्ठित भवन भी इसी के सहारे खड़े किए गए।
लेकिन आधुनिक समय में इसके खतरे भी बार-बार उभर कर सामने आ रहे हैं—
- बांस बेहद फ्लेमेबल यानी जल्दी जलने वाला
- ऊर्ध्वाधर (vertical) संरचना के कारण आग तेजी से ऊपर चढ़ती
- सूखे मौसम में आग फैलने की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है
हांगकांग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के अनुसार, आग का मूल कारण भले कुछ भी हो, लेकिन बांस और प्लास्टिक नेटिंग ने इसे “फायर हाईवे” में बदल दिया।
लापरवाही के आरोप, पुलिस ने 3 लोग किए गिरफ्तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इमारतों की बाहरी दीवारों पर लगाए गए नेट, प्लास्टिक शीट और कुछ बोर्ड फायर-स्टैंडर्ड के अनुरूप नहीं थे।
कई खिड़कियों को जोड़े रखने के लिए लगाए गए polystyrene boards को भी ‘खतरनाक’ और ‘असामान्य’ बताया गया।
पुलिस ने निर्माण कंपनी के तीन लोगों को “gross negligence” के आरोप में गिरफ्तार किया है।
ऐसे मामले पहले भी हो चुके हैं—
● अक्टूबर 2025 में Central Hong Kong में एक ऊँची इमारत बांस स्कैफोल्डिंग के कारण तेजी से जल उठी थी।
● Mainland China ने 2022 में बांस स्कैफोल्डिंग को पूरी तरह बैन कर दिया था।

बांस बनाम मेटल: क्या अब बदलेगा हांगकांग का निर्माण मॉडल?
इस साल Hong Kong Development Bureau ने घोषणा की कि मार्च से होने वाली 50% नई सरकारी इमारतों में मेटल स्कैफोल्डिंग अनिवार्य होगी।
कारण —
- मजदूरों की जान जाने के मामले (2018–2025 के बीच 24 मौतें)
- आधुनिक निर्माण मानकों से मेल न खाना
लेकिन यह कदम स्थानीय लोगों के बीच विवाद पैदा कर गया।
कई निवासियों का कहना है —
“बांस स्कैफोल्डिंग हमारी cultural heritage है। इसे खत्म नहीं किया जाना चाहिए।”
वहीं निर्माण मजदूरों और यूनियनों का दावा है कि—
“सही नियमों का पालन किया जाए तो बांस उतना जोखिम भरा नहीं जितना बताया जा रहा है।”
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
फायर सेफ्टी विशेषज्ञों के अनुसार, असल समस्या “आग कैसे लगी” नहीं है—
बल्कि आग इतनी तेजी से क्यों फैली।
University of Queensland के विशेषज्ञ अनवर ओराबी के अनुसार:
“कई चीजें मिलकर आग को तेज बनाती हैं—बांस की ऊँचाई, प्लास्टिक नेट, सूखा मौसम और असुरक्षित सामग्री। यह पूरा सेटअप आग को ऊपर जाने का सीधा रास्ता देता है।”
उन्होंने लंदन के कुख्यात Grenfell Tower हादसे से इसकी तुलना की, जहाँ बाहरी क्लैडिंग ने आग को भड़काया था।
परंपरा vs सुरक्षा: शहर का नया संघर्ष
हांगकांग की पहचान—ऊँचे पहाड़, चहल-पहल वाली सड़कें और हर कोने में बांस की जालियां।
बांस सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि शहर की संस्कृति और वास्तुकला का हिस्सा रहा है। यहाँ तक कि कैंटोनीज़ ओपेरा थिएटर्स भी इसी से बनते रहे हैं।
लेकिन अब सवाल यह है कि—
क्या परंपरा की कीमत सुरक्षा हो सकती है?
या फिर सुरक्षा मानकों को इतना सख्त किया जाए कि परंपरा और आधुनिकता दोनों साथ चल सकें?
जांच जारी है, और उम्मीद है कि इस घटना के बाद हांगकांग ऐसे नियमों पर ध्यान देगा जो भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोक सकें।
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