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श्रीलंका में ‘साइक्लोन दित्वाह’ की तबाही! 46 की मौत, 44 हजार लोग बेघर – तमिलनाडु में भी येलो अलर्ट
भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से श्रीलंका बेहाल—कई जिलों में बचाव कार्य जारी, भारत के दक्षिणी तटों पर भी बढ़ी सतर्कता
श्रीलंका शुक्रवार को उस भयावह प्राकृतिक आपदा से जूझता दिखा, जिसका नाम है साइक्लोन दित्वाह। इस तूफान ने केवल मौसम को नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की ज़िंदगी को भी झकझोर कर रख दिया है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक अब तक 46 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 23 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
सबसे ज़्यादा नुकसान बादुला के चाय बागान इलाकों में हुआ, जहाँ आधी रात को हुआ भूस्खलन कई घरों को निगल गया। अधिकारियों के अनुसार केवल इस क्षेत्र में 21 लोगों की मौत हुई। कई परिवारों ने बताया कि बारिश इतनी तेज़ थी कि उन्हें समझ ही नहीं आया कब ज़मीन खिसक गई और घर मलबे में तब्दील हो गए।
44 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया
श्रीलंका के डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) के मुताबिक अब तक 43,991 लोग स्कूलों और पब्लिक शेल्टर्स में शिफ्ट किए जा चुके हैं। इनमें वे परिवार भी शामिल हैं जिन्हें बढ़ते पानी के बीच छतों से एयरलिफ्ट किया गया। पानी ने कई जगहों पर घरों की पहली मंजिल तक दस्तक दे दी थी।

300 मिमी से ज्यादा बारिश, कई जिलों में सड़कें और ट्रेनें बंद
पिछले 24 घंटे में 300 मिमी से अधिक बारिश ने हालात बद से बदतर कर दिए। कई प्रमुख रास्ते बंद हो गए, जबकि सुबह 6 बजे से अधिकतर ट्रेनों का संचालन रद्द कर दिया गया। देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।
कोलंबो समेत कई शहरों में केलानी नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से ऊपर पहुंच गया, जिसके चलते रेड-लेवल फ्लड वार्निंग जारी की गई है।
तूफान की दिशा भारत की ओर—तमिलनाडु में येलो अलर्ट
साइक्लोन दित्वाह इस समय दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के तटीय इलाकों में सक्रिय है। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान पिछले छह घंटों से 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) और चेन्नई रीजनल मीट सेंटर ने तमिलनाडु के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
इनमें प्रमुख जिले हैं:
- पुदुकोट्टई
- रामनाथपुरम
- तूतीकोरिन
- तिरुनेलवेली
- कन्याकुमारी
इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

श्रीलंका में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू, कई जगह पहुंचना मुश्किल
अनुराधापुर में सेना के हेलीकॉप्टरों ने लगातार राहत अभियान चलाया। यहां एक ऐसा भावुक मामला सामने आया जिसमें एक व्यक्ति रातभर नारियल के पेड़ पर बैठा रहा और सुबह उसे एयरलिफ्ट किया गया।
सेना अधिकारी ब्रिगेडियर एस. धर्मविक्रमा के अनुसार, “कई गांवों तक पहुंचना मुश्किल है। सड़कों पर भूस्खलन का मलबा जमा है। लेकिन हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।”
एग्ज़ाम पोस्टपोन, स्टॉक एक्सचेंज बंद, उड़ानें भारत की ओर डायवर्ट
- श्रीलंका में A-Level परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है।
- कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज ने भारी बारिश के कारण मार्केट जल्दी बंद कर दिया।
- कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को त्रिवेंद्रम और कोच्चि एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया।
श्रीलंका में इतनी भीषण तबाही कम ही देखने को मिलती है। याद हो कि 2003 में आए भीषण बाढ़ में 254 लोगों की मौत हुई थी। यह भीषण चक्रवात पिछले दो दशकों की सबसे गंभीर मौसम आपदाओं में से एक माना जा रहा है।
