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ट्रंप के G20 बॉयकॉट के बाद कांग्रेस का वार – “अब विश्वगुरु खुद जाएंगे दक्षिण अफ्रीका”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने PM मोदी पर कसा तंज — कहा, ट्रंप के बहिष्कार के बाद अब “स्वयंभू विश्वगुरु” खुद G20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे।

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G20 पर कांग्रेस का वार: “ट्रंप नहीं जाएंगे तो विश्वगुरु खुद जाएंगे दक्षिण अफ्रीका”
ट्रंप के G20 बहिष्कार के बाद कांग्रेस का व्यंग्य — “अब विश्वगुरु खुद जाएंगे दक्षिण अफ्रीका।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दक्षिण अफ्रीका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेने की घोषणा के बाद भारत की राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अब “स्वयंभू विश्वगुरु” खुद इस सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे।

जयराम रमेश ने शनिवार को X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा —

“अब जब राष्ट्रपति ट्रंप ने यह ऐलान कर दिया है कि वे दक्षिण अफ्रीका में होने वाले G20 सम्मेलन में नहीं जाएंगे, तो यह तय है कि स्वयंभू विश्वगुरु खुद वहां मौजूद रहेंगे।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर घोषणा की कि अमेरिका का कोई भी सरकारी प्रतिनिधि 22 और 23 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में होने वाले इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा।

ट्रंप ने पोस्ट में लिखा —

“यह शर्मनाक है कि G20 दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया जा रहा है। अफ्रिकानर्स — यानी डच, फ्रेंच और जर्मन वंशज किसानों — को मारा जा रहा है और उनकी ज़मीनें जबरन छीनी जा रही हैं।”

ट्रंप प्रशासन लंबे समय से दक्षिण अफ्रीका की सरकार पर “श्वेत किसानों पर हिंसा और भेदभाव” का आरोप लगाता रहा है, जिसे प्रिटोरिया ने बार-बार खारिज किया है। दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों का कहना है कि आज भी श्वेत नागरिकों की जीवनशैली अधिकांश काले नागरिकों से कहीं बेहतर है, जबकि अपार्थाइड (जातीय भेदभाव) समाप्त हुए दशकों बीत चुके हैं।

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कांग्रेस का व्यंग्य और राजनीति का नया मोर्चा

कांग्रेस नेता जयराम रमेश का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर “विश्वगुरु” का व्यंग्य किया हो।
इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने कुआलालंपुर में हुए 22वें ASEAN सम्मेलन में “जानबूझकर हिस्सा नहीं लिया” क्योंकि वे उस समय राष्ट्रपति ट्रंप से टकराव से बचना चाहते थे।

रमेश ने कहा था कि मोदी सरकार हर मंच पर “भारत की छवि सुधारने” की बात करती है, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सवाल उठते हैं, तो जवाब देने से बचती है।

प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अब तक सभी G20 शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लिया है — ब्रिस्बेन, एंटाल्या, हांगझोउ, हैम्बर्ग, ब्यूनस आयर्स, ओसाका, रियाद (वर्चुअल), रोम, बाली और नई दिल्ली तक।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह संभव है कि मोदी सरकार दक्षिण अफ्रीका सम्मेलन में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराए ताकि भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका का संदेश जारी रखा जा सके।

विश्लेषकों का कहना है कि भले ही ट्रंप का बयान अमेरिकी राजनीति में घरेलू प्रभाव के लिए दिया गया हो, लेकिन इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर जरूर पड़ेगा। वहीं भारत की विपक्षी पार्टियां इस मौके का इस्तेमाल घरेलू राजनीति में सरकार को घेरने के लिए कर रही हैं।

2026 G20 की मेजबानी अमेरिका को

ट्रंप ने यह भी कहा कि वह 2026 के G20 सम्मेलन की मेजबानी मियामी, फ्लोरिडा में करने के लिए उत्साहित हैं। हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा विवाद से अमेरिका की वैश्विक साख पर सवाल उठे हैं, जबकि भारत जैसे देशों को इस स्थिति का राजनयिक लाभ मिल सकता है।

अधिक अपडेट के लिए – DAINK DIARY

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