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BCCI में बढ़ी टेंशन! गौतम गंभीर के बयान से नाराज़ बोर्ड, T20 वर्ल्ड कप बना कोच की कुर्सी का सबसे बड़ा इम्तिहान
कोलकाता पिच पर गंभीर की टिप्पणी से भड़का BCCI—अगर T20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया फ्लॉप रही तो बदल सकती है कोचिंग टीम की तस्वीर
टीम इंडिया की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ हार के बाद जहां फैंस निराश हैं, वहीं अब मुख्य कोच गौतम गंभीर के बयान ने BCCI की बेचैनी बढ़ा दी है। ख़बरों के मुताबिक बोर्ड कोलकाता की पिच पर गंभीर के खुलकर दिए गए बयान से ‘खुश नहीं’ है। हालांकि फिलहाल किसी बड़े कदम की उम्मीद नहीं, लेकिन गंभीर की कुर्सी आने वाले महीनों में बड़े संकट से गुजर सकती है।
कोलकाता टेस्ट ने खोली टीम की कमजोरियां
ईडन गार्डन्स की ब्लैक-सॉयल पिच पर टीम इंडिया की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। चौथी पारी में भारत 93 पर ऑल आउट होकर सिर्फ 30 रन से मैच हार गया। यह हार केवल एक मैच नहीं थी—यह पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टेस्ट प्रदर्शन की गिरती कड़ी का हिस्सा थी।

भारत लगातार तीन घरेलू टेस्ट सीरीज़ में क्लीन स्वीप झेल चुका है। ऐसे में गंभीर का बयान बोर्ड को खटक गया।
गंभीर ने मैच के बाद कहा:
“ये बिल्कुल वही पिच थी जिसकी हमने मांग की थी… विकेट में कोई दिक्कत नहीं थी, न कोई ‘डेमन’ था। अगर तकनीक और टेंपरामेंट सही हो तो यहां रन बनते।”
यही ‘पिच वाली दलील’ कई BCCI अधिकारियों को पसंद नहीं आई।
बैटिंग फेल, तैयारी पर उठे सवाल
कई पूर्व क्रिकेटर्स ने भी सवाल उठाए कि जब टीम गुवाहाटी की रेड-सॉयल पिच और कोलकाता दोनों जगह संघर्ष कर रही है, तो क्या टेस्ट की तैयारी सही तरीके से हो रही है? क्या बल्लेबाजों को चुनौतीपूर्ण सतहों पर खेलना आता है?
BCCI का मूड गंभीर के खिलाफ?
सूत्रों का कहना है कि BCCI गंभीर की आलोचना करने के मूड में नहीं है, लेकिन अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है। बोर्ड मानता है कि पिच की ‘सार्वजनिक तारीफ’ करने का यह सही समय नहीं था, खासकर तब जब टीम की गलतियों ने मैच हाथ से निकलवाया।
एक अधिकारी के मुताबिक:
“अभी किसी तरह का ड्रास्टिक फैसला नहीं होगा… लेकिन वाइट-बॉल सीज़न के बाद बड़ी बातचीत तय है।”
T20 वर्ल्ड कप बनेगा ‘अंतिम टेस्ट’
गंभीर अभी सुरक्षित दिख रहे हैं, लेकिन 2026 के T20 वर्ल्ड कप में भारत का प्रदर्शन उनकी कोचिंग का भविष्य तय करेगा।
अगर भारत घर में ही खराब खेल दिखाता है, तो कोचिंग सेटअप में बदलाव की चर्चा फिर ज़ोर पकड़ सकती है।

असिस्टेंट कोच की सफाई—‘गौतम सबकी जिम्मेदारी ले रहे हैं’
इस विवाद के बीच सहायक कोच सितांशु कोटक गंभीर के समर्थन में उतरे।
उन्होंने कहा:
“गंभीर ने क्यूरेटर को बचाने के लिए जिम्मेदारी खुद ले ली… भारत में जैसे इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया अपनी कंडीशन में खेलते हैं, हम स्पिन पर निर्भर रहते हैं।”
कोटक ने यह भी पूछा:
“हर बार बात सिर्फ गंभीर की क्यों होती है? बल्लेबाजों की जिम्मेदारी, बैटिंग कोच की भूमिका—इन पर कोई बात नहीं करता।”
फिलहाल गंभीर की कुर्सी मजबूत, लेकिन दबाव जारी
आने वाले महीनों में टीम इंडिया वाइट-बॉल क्रिकेट खेलेगी और वहां गंभीर की योजनाएं व खिलाड़ियों की फॉर्म को बारीकी से देखा जाएगा।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि
- क्या भारत T20 वर्ल्ड कप में दमदार वापसी करेगा?
- या फिर इस नतीजे के बाद कोचिंग स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा?
फिलहाल गंभीर की कुर्सी सुरक्षित है—लेकिन दबाव हर मैच के साथ बढ़ता जा रहा है।
