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BCCI पर RTI लागू नहीं होगा! CIC के बड़े फैसले ने खत्म की सालों पुरानी बहस
Central Information Commission ने कहा- BCCI एक private autonomous body, जनता नहीं मांग सकेगी वित्तीय जानकारी
भारतीय क्रिकेट से जुड़ी सबसे बड़ी संस्था BCCI को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। Central Information Commission यानी CIC ने साफ कर दिया है कि Board of Control for Cricket in India अब भी RTI Act के दायरे में नहीं आएगा।
सोमवार को Information Commissioner PR Ramesh ने अपने फैसले में कहा कि BCCI को “public authority” नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह एक autonomous private body है और सरकार इसके रोजमर्रा के कामकाज में दखल नहीं देती।
इस फैसले के बाद अब आम लोग RTI के जरिए BCCI से उसकी कमाई, खर्च, sponsorship deals या प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी जानकारी नहीं मांग सकेंगे।
CIC ने अपने आदेश में कहा कि BCCI अपनी कमाई खुद करता है। संस्था को media rights, broadcasting deals, sponsorships, ticket sales और अन्य commercial activities से revenue मिलता है। इसलिए इसे सरकारी फंडिंग पर निर्भर संस्था नहीं माना जा सकता।
कमिशन ने यह भी साफ किया कि सरकार की ओर से मिलने वाली tax exemptions या अन्य सुविधाएं “सरकारी फंडिंग” की श्रेणी में नहीं आतीं। यही वजह है कि BCCI को RTI कानून के तहत सार्वजनिक संस्था नहीं माना जा सकता।
दिलचस्प बात यह है कि CIC ने अपने ही पुराने फैसले को पलट दिया है। साल 2018 में तत्कालीन Information Commissioner M Sridhar Acharyulu ने BCCI को public authority माना था और RTI के दायरे में लाने की बात कही थी। उस समय बोर्ड को RTI applications लेने के लिए व्यवस्था बनाने का निर्देश भी दिया गया था।
हालांकि BCCI ने इस फैसले को Madras High Court में चुनौती दी थी। बोर्ड का कहना था कि वह एक स्वतंत्र संस्था है और सरकार न तो उसे नियंत्रित करती है और न ही उसकी नियुक्तियों में कोई भूमिका निभाती है। बाद में High Court ने मामले को दोबारा जांच के लिए CIC के पास भेज दिया था।

अब नई सुनवाई में CIC ने माना कि BCCI Tamil Nadu Societies Registration Act के तहत registered एक society है। यह न तो संविधान के तहत बनाई गई संस्था है और न ही संसद के किसी कानून से बनी है।
इस फैसले को भारतीय क्रिकेट प्रशासन के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे BCCI पहले की तरह स्वतंत्र रूप से काम करता रहेगा और उस पर सरकारी निगरानी का दायरा सीमित रहेगा।
हालांकि दूसरी तरफ कई लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि देश के सबसे ताकतवर क्रिकेट बोर्ड पर पारदर्शिता के नियम लागू क्यों नहीं होने चाहिए। क्रिकेट फैंस और transparency activists लंबे समय से BCCI को RTI के दायरे में लाने की मांग करते रहे हैं।
फिलहाल CIC के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि BCCI की कार्यप्रणाली पर सरकारी सूचना कानून लागू नहीं होगा।
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