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नितीश रेड्डी को बाहर बैठाने पर भड़के अश्विन, बोले– “स्क्वॉड सिलेक्शन में कुछ तो गड़बड़ है”
IND vs SA Ranchi ODI के बाद रविचंद्रन अश्विन ने टीम चयन पर उठाए सवाल, बोले– हार्दिक की गैरमौजूदगी में नितीश को जगह क्यों नहीं?
रांची में खेले गए IND vs SA पहले वनडे में टीम इंडिया भले ही 17 रन से जीत गई हो, लेकिन इस मैच ने भारतीय टीम के स्क्वॉड सिलेक्शन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने साफ कहा है कि नितीश कुमार रेड्डी को बाहर रखना टीम मैनेजमेंट की बड़ी गलती है।
अश्विन ने अपने YouTube शो पर कहा:
“अगर हार्दिक पंड्या टीम में नहीं हैं और फिर भी नितीश कुमार रेड्डी को जगह नहीं मिल रही, तो स्क्वॉड सिलेक्शन में जरूर कुछ गलत है। नितीश को इसलिए चुना गया था क्योंकि वह वही रोल निभा सकते हैं जो हार्दिक निभाते हैं।”
नितीश को क्यों माना जा रहा था ‘हार्दिक रिप्लेसमेंट’?
22 वर्षीय नितीश कुमार रेड्डी ने IPL 2025 में सनसनीखेज प्रदर्शन किया था—
- पावर-हिटिंग
- 140+ की औसत गेंदबाज़ी स्पीड
- डेथ ओवर्स में विकेट लेने की क्षमता
कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना था कि हार्दिक की अनुपस्थिति में नितीश टीम इंडिया के लिए ‘एक्स-फैक्टर’ बन सकते थे।
लेकिन टीम मैनेजमेंट ने हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर को तरजीह दी।
राणा ने शानदार शुरुआत भी की—
पहले ओवर में क्विंटन डी कॉक और रयान रिकेलटन को आउट कर मैच का रुख बदल दिया।
लेकिन फिर क्यों लड़खड़ा गया भारतीय अटैक?
11/3 पर साउथ अफ्रीका का टॉप ऑर्डर गिराने के बाद
मार्को यान्सन और कोर्बिन बॉश ने भारतीय गेंदबाज़ी की कमजोरियों को बेनकाब कर दिया।

भारत ने मैच जीता जरूर…
पर जीत उतनी आसान नहीं थी जितनी उम्मीद की जा रही थी।
350 रन के चेज़ में SA आख़िरी ओवर तक मुकाबला ले गई।
अश्विन ने दूसरी बड़ी गलती पर भी सवाल उठाया — तिलक वर्मा की जगह रुतुराज?
अश्विन ने टीम इंडिया के बैटिंग ऑर्डर पर भी सवाल उठाए:
“आपने रुतुराज गायकवाड़ को पहले वनडे में मौका दिया, फिर अचानक तिलक वर्मा को ला दिया—यह लॉजिक समझ नहीं आता। किसी खिलाड़ी को लंबा मौका दो, तभी सही कॉम्बिनेशन समझ में आएगा।”
हालांकि रुतुराज गायकवाड़ को 2025 में बैक-टू-बैक मौका देकर टीम इंडिया उन्हें नई ओपनिंग विकल्प के रूप में तैयार कर रही थी, ऐसे में अचानक बदलाव कई फैंस को भी पसंद नहीं आया।
नए उदाहरण: युवा खिलाड़ियों की कन्फ्यूज़्ड हैंडलिंग?
इसी साल कई युवा खिलाड़ियों के साथ ऐसा हुआ—
- साई सुदर्शन को सिर्फ 1 मैच के बाद ड्रॉप किया गया
- रियान पराग को एक रोल में खिलाया, दूसरे रोल में एक्सपेक्टेशन रखी
- अभिमन्यु ईश्वरन को टेस्ट में बैकअप रखकर फिर बाहर कर दिया
ऐसे फैसलों से टीम की दिशाहीन योजना पर सवाल उठने लगे हैं।
BCCI को चाहिए स्पष्ट योजना — सिर्फ ‘टैलेंट’ नहीं, सही उपयोग भी जरूरी
IND vs SA सीरीज़ में टीम इंडिया का प्रदर्शन यह दिखा रहा है कि
कॉम्बिनेशन चुनने से पहले रोल्स और जिम्मेदारियाँ स्पष्ट हों।
अश्विन की आवाज़ अब सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—
अगर भारत को 2026 चैंपियंस ट्रॉफी और 2027 वर्ल्ड कप में मजबूत दावेदार बनना है…
तो स्क्वॉड सिलेक्शन को दोबारा सोचना ही होगा।
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